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पिता और दो बच्चों की मौत: 'पति-पत्नी का झगड़ा था, मासूमों को जहर देते हाथ नहीं कांपे', परिजनों का छलका दर्द

Sun, 07 Dec 2025 10:58 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर

सार

Bijnor News: बाबूराम का उसकी पत्नी और ससुराल वालों से विवाद चल रहा था। वह अपने साले की शादी में भी नहीं गया था। शादी से लौटकर आई पत्नी से उसकी फिर कहासुनी हो गई। वह बच्चों को लेकर खेत पर गया और वहां जहरीला पदार्थ बच्चों को खिलाकर खुद भी खा लिया। 
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बाबूराम और दोनों बच्चों की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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थाना हीमपुर दीपा क्षेत्र के गांव मुबारकपुर खादर में शनिवार शाम पत्नी से विवाद के चलते बाबूराम (28) ने बेटी हर्षिका (3) और बेटे दिव्यांशु (5) को जहर देकर खुद भी निगल लिया। तीनों ने ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने तीनों के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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पोस्टमार्टम हाउस पर परिजन। - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने जांच के बाद बताया कि बाबूराम का अपनी पत्नी से विवाद चल रहा था। बाबूराम का शनिवार को भी पत्नी से विवाद हुआ। इसके बाद शाम चार बजे बेटी हर्षिका और बेटे दिव्यांशु को बाल कटवाने के बहाने खेत पर ले गया। जहां बाबूराम ने बेटी और बेटे को जहरीला पदार्थ दे दिया। इससे दोनों मासूमों की हालत बिगड़ गई। तड़पते हुए दोनों बालकों ने खेत पर ही दम तोड़ दिया। इसके बाद बाबूराम ने खुद भी जहर निगल लिया। 
 

पास में ही काम कर रहे ग्रामीणों ने बाबूराम को तड़पता देखा तो परिवार वालों को जानकारी दी। परिजन बाबूराम को चांदपुर के अस्पताल में ले गए। जहां इलाज के दौरान बाबूराम की भी मौत हो गई। सूचना मिलते ही एएसपी देहात प्रकाश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मुआयना किया। पुलिस ने प्राथमिक जानकारी जुटाने के बाद तीनों के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एएसपी देहात प्रकाश कुमार ने बताया कि युवक का अपनी पत्नी से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते युवक ने दोनों बच्चों को जहर देने के बाद खुद भी आत्महत्या कर ली है।
 

साले की शादी में भी शामिल नहीं हुआ था बाबूराम
बाबूराम के पिता रामरतन ने बताया कि तीन दिसंबर को गांव अकोंदाबाद बाष्टा में बाबूराम के साले की शादी थी। बुधवार को बाबूराम अपनी पत्नी और बच्चों को ससुराल छोड़कर वापस अपने घर आ गया था, वह शादी में शामिल नहीं हुआ। भाई की शादी का कार्यक्रम निपटने के बाद रीता शुक्रवार को अपने घर वापस आ गई। बताया कि रीता और उसके बच्चों को घर छोड़ने के लिए रीता का भाई आया और जीजा बाबूराम के घर तक नहीं आया। उसने बाबूराम के चाचा के घर पर बैठकर चाय पी और लौट गया। इस बात पर बाबूराम की अपनी पत्नी से तकरार भी हुई। बाबूराम इस बात से बेहद नाराज था और उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।लने का काम किया और एक हंसता खेलता परिवार उजड़ गया।
 

तीन मौतों पर बिलख पड़े परिजन
दोनों मासूमों और उनके पिता की मौत से परिवार वाले बिलख पड़े। उनका रो रोकर बुरा हाल था। वे कह रहे थे कि बाबूराम तूने ये क्या किया। बच्चों को जहर देते हुए तेरे हाथ भी नहीं कांपे। मृतक के घर पर आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई और पूरे गांव में मातम छा गया।
 
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सब्जी बेचकर गुजर बसर कर रहा था बाबूराम
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे मृतक के चचेरे भाई जयदेव ने बताया कि बाबूराम सब्जी बेचने का काम करता था। ग्रामीणों ने बताया कि बाबूराम अच्छे स्वभाव का होने के साथ ही बेहद संवेदनशील था। ससुराल पक्ष को लेकर बाबूराम नाराज चल रहा था। इस नाराजगी ने साले के व्यवहार ने आग में घी डालने का काम किया और एक हंसता खेलता परिवार उजड़ गया।
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