संविदा सफाई कर्मी की मौत, हंगामा
धामपुर। नगर पालिका में संविदा पर कार्यरत एक कर्मचारी की रैन बसेेरे पर लगी ड्यूटी से रात में घर जाने के बाद हार्ट अटैक से मौत हो गई। कर्मी की अचानक मौत की खबर मिलने से पालिका के अन्य सफाई कर्मचारियों में शोक की लहर दौड़ पड़ी। सफाई ड्यूटी पर जाने से पहले पालिका में एकत्र हुए। सफाई कर्मी की हुई मौत के लिए पालिका के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए घंटों हंगामा किया। इस दौरान पालिकाध्यक्ष की सफाई निरीक्षक इंद्रपाल सिंह और बाबू चेतन सिंह से नोकझोंक हुई। मृतक कर्मचारी के परिवार से दो सदस्यों को ठेके पर नौकरी देने, मृतक की विधवा पत्नी को पेंशन और मृतक का क्लेम दिलाने का भरोसा देकर किसी तरह से शांत किया।
गौरतलब है कि पालिका के अधिकारियों की मनमानी को लेकर सफाई कर्मचारी शुक्रवार को भी पालिकाध्यक्ष से मिले थे। आरोप लगाया कि सफाई कराने की बजाय उनकी ड्यूटी अन्यत्र स्थानों पर लगाई जा रही है। आरोप है कि गांव जैतरा निवासी 50 वर्षीय नरेश पालिका में संविदा पर सफाई कर्मी के पद पर कार्यरत था। विरोध करने के बाद भी पालिका के अधिकारियों ने नरेश की ड्यूटी रात में रैन बसेरे पर लगाई था। बताया गया कि जब नरेश रात में ड्यूटी करने के बाद अपने घर जैतरा गया तो उसकी हालत बिगड़ गई। रात में ही नरेश को हार्ट अटैक आ गया और तड़के मौत हो गई है।
जैसे ही नरेश की मौत की खबर सफाई कर्मियों को मिली तो उनमें रोष व्याप्त हो गया। कर्मचारी सुबह पालिका पहुंचे और अधिकारियों के खिलाफ जमकर हंगामा किया। आरोप लगाया कि सफाई निरीक्षक और अधिकारियों की मनमानी के कारण ही सफाई कर्मियों का उत्पीड़न हो रहा है। आरोप लगाया कि अभी हाल में स्योहारा में भी एक महिला सफाई कर्मी की भी अधिकारियों और बाबुओं की मनमानी के कारण ही तीन दिन पहले मृत्यु हुई है।
इस दौरान पालिकाध्यक्ष राजू गुप्ता पालिका में हंगामा कर रहे सफाई कर्मियों के बीच में पहुंचे और उनकी व्यथा को सुना। पालिकाध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद काफी जद्दोजहद करने पर किसी तरह से सफाई कर्मी शांत हुए। सफाई कर्मियों की मांग पर पालिकाध्यक्ष ने भरोसा दिया कि उनकी जो मांगे हैं उनका निदान होगा। मृतक कर्मी के परिवार से ठेके पर दो सदस्यों को नौकरी, विधवा को पेंशन और भविष्य निधि का क्लेम दिलाने का प्रयास होगा। इस मौके पर संजीव कुमार, राजेश पवार, महीपाल सिंह, अजय, अमित, मनोज कुमार, बब्बू, महेश आदि रहे।