नूरपुर में पिता की चिता को मुखाग्नि देती बेटी शारदा रानी।
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बंदिशों को तोड़ बेटी ने दी पिता को मुखाग्नि
नूरपुर। समाज में आज भी कई लोग बेटियों को बोझ मानते हैं और भ्रूण हत्या तक करने में गुरेज नहीं करते हैं। वहीं, कुछ ऐसी बेटियां भी हैं जो समाज की बंदिशों को तोड़ आगे बढ़ रही हैं। नूरपुर में एक बेटी ने पिता की चिता को मुखाग्नि देकर नई मिसाल पेश की है।
पूर्व राज्यमंत्री महावीर सिंह के छोटे भाई ऋषिराज सिंह अपने गांव फतेहाबाद में किसानी करते थे। उनका आवास नूरपुर में शिव मंदिर चौक के पास बना हुआ है। वह काफी समय से बीमार चल रहे थे। बृहस्पतिवार को उनका मुरादाबाद के साईं अस्पताल में निधन हो गया। निधन के बाद उनका शव नूरपुर लाया गया। कोई बेटा न होने पर ऋषिराज सिंह को मुखाग्नि देने की बात चली तो उनकी इकलौती बेटी शारदा ने पिता को मुखाग्नि देने का निर्णय लिया। शुक्रवार की सुबह उनकी शवयात्रा निकाली गई और गंगा बैराज पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। बैराज पर शारदा ने पिता को मुखाग्नि देकर संतान होने का दायित्व निभाया। इससे पूर्व उन्होंने सभी रस्मों को पूरा किया। शारादा नूरपुर ब्लॉक में प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारी हैं। शादी होने के बाद भी उन्होंने पिता को अकेला नहीं छोड़ा। माता पिता के साथ ही रहने का फैसला लिया। उनके पति ने भी उनका भरपूर साथ दिया।