फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कार्बेट टाइगर रिजर्व के डूब क्षेत्र में गश्त करना जोखिम

विज्ञापन
विज्ञापन
कार्बेट टाइगर रिजर्व के डूब क्षेत्र में गश्त करना जोखिमपूर्ण
विज्ञापन

कालागढ़। कार्बेट टाइगर रिजर्व के डूब क्षेत्र में गश्त करना जान हथेली पर रखना है। वन विभाग के गश्ती दल नदी नालों में गश्त कर रहे हैं। मानसून के दौरान वनों पर तस्करों की निगाह लगी रहती है।
मानसून के सक्रिय होते ही वनों एवं वन्यजीवों की सुरक्षा वन विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बन जाती है। बारिश के दौरान वनों में पर्यटकों आदि का आवागमन थम जाता है। रास्ते बारिश के कारण ध्वस्त हो जाते हैं। ऐसे में वन संपदा एवं वन्यजीव तस्करों के निशाने पर आ जाते हैं। सबसे अधिक खतरा वन विभाग को बावरिया गिरोह का रहता है। वनों में प्रवेश करने के लिए तस्कर नदी नालों का सहारा न लें, इसके लिए वन विभाग का विशेष ध्यान रामगंगा नदी के डूब व नदी नालों की गश्त पर रहता है। रात्रि में एंबुश लगाकर गश्त की जा रही है। खूंखार वन्यजीवों के बीच विषैले सांपों के खतरों से बचाते हुए गश्ती दल पानी के बीच पहुंच जाते हैं। हालांकि अभी वन विभाग को कहीं कोई संदिग्ध गतिविधि न मिलने का दावा अधिकारी कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

कालागढ़ के वनक्षेत्राधिकारी राकेश कुमार भट्ट ने बताया कि गश्ती दल रात दिन वन संपदा व वन्यजीवों को तस्करों से बचाने की मुहिम में लगे हैं। अधिकारी वर्ग स्वयं कभी भी वनों में आकर गश्त में शामिल हो रहे हैं। बारिश के दौरान गश्त काफी विषम हो जाती है। सबसे अधिक खतरा बावरिया गिरोह का है। यह लोग सीधे बाघ का ही शिकार करते हैं। अभी कहीं से कोई संदिग्ध सूचना नहीं है। वनों की सुरक्षा को लेकर आपरेशन मानसून चलाया जा रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें