बिजनौर में शास्त्री चौक के पास गजेंद्र कुमार का वैष्णो भोजनालय है। गजेंद्र के फोन पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने 30 थाली और इतनी ही पानी की बोतल पैक करने का ऑर्डर बुक कराया। कुछ देर फिर से फोन करके खाना पैक होने के संबंध में जानकारी ली। इस पर गजेंद्र ने भुगतान करने के बाद ही खाने का ऑर्डर देने की बात कही। इसके बाद साइबर ठग ने उनका फोन पे का बार कोड लिया। फिर बोला कि इस पर भुगतान नहीं हो रहा है।
मोबाइल नंबर के जरिए करूंगा। कुछ ही सेकंड में दो-दो रुपये दो बार में भेज दिए। इसके बाद एक ओटीपी भेजकर हासिल कर लिया। गजेंद्र ने बताया कि डेढ़ मिनट में ही खाते से 71 हजार रुपये चले गए। रकम निकलने का मैसेज आते ही ठगी का अहसास हो गया।
हालांकि, पांच मिनट के भीतर ही पीड़ित ने साइबर ठगी की शिकायत कर दी। आरोपी ने खुद को आर्मी वाला बताया था। साथ ही पांच दिनों तक रोजाना ऑर्डर बुक करने झांसा देकर तीस हजार रुपये का भुगतान एडवांस में करने की बात कही थी। भोजनालय स्वामी ने बताया कि खाते से पैसा तो गया ही बाद में पैक हुआ खाना भी फेंकना पड़ा।