कालागढ़ के गांव िभक्कावाला में हाथी के शव को देखता वनकर्मी।
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बिजनौर के कालागढ़ सीमा से सटे गांव भिक्कावाला में गन्ने के खेत में करंट की चपेट में आकर हाथी की मौत हो गई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों ने हाथी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के वनों से सूखा स्रोत पार कर हाथियों का दल बृहस्पतिवार रात भिक्कावाला गांव के खेतों में चला गया। जब यह दल रामगंगा बांध परियोजना के प्राथमिक स्कूल के पीछे पहुंचा, तो वहां खेतों से होकर गुजर रही विद्युत लाइन के ढीले पड़े तार उसकी पीठ से छू गए। इसके बाद करंट लगनेे से हाथी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इसकी सूचना मिलने पर अमानगढ़ टाइगर रिजर्व के रेंजर सुरेंद्र कुमार और नगीना रेंज के वन कर्मी केपी सिंह, नजाकत अली, जयपाल सिंह आदि मौके पर पहुंचे।
आला अफसरों को भी सूचित किया गया। बाद में बिजनौर के जिला वन अधिकारी एम सिमरान ने मुआयना कर हाथी का पोस्टमार्टम कराने के निर्देश दिए। उधर, ग्रामीणों ने कहा कि कार्बेट रिजर्व के वनों से हाथी, गुलदार, बाघ, हिरण आदि खेतों में पहुंचकर फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि वन विभाग की टीम यदि नियमित रूप से गश्त करे तो उनकी फसलों को बर्बाद होने से बचाया जाए। इसके अलावा विद्युत निगम से जर्जर तार ठीक कराने की मांग भी उठाई।