बिजनौर। जनपद में पिछले तीन दिन से बारिश, हवा, ओलावृष्टि हुई है। तेज हवा के साथ जनपद में बारिश, ओलावृष्टि होने से गेहूं की फसल गिर गई है। कृषि विभाग ने बारिश, ओलावृष्टि से फसलों के नुकसान का फील्ड के अधिकारियों, कर्मचारियों का सर्वे कराया गया। जिले में क्षतिग्रस्त फसलों का नुकसान मुआवजे मिलने से नीचे ही है।
रविवार दिन व शाम और रविवार-सोमवार मध्य रात्रि में बारिश, तेज हवा और ओलावृष्टि भी हुई। मौसम विभाग के अनुसार 42.6 एमएम बारिश हुई है। गत रात्रि जनपद मेंं तेज हवा के साथ बारिश होने से गेहूं, सरसों, जौ, चना, मटर, मसूर, राई सरसों आदि फसल को नुकसान हुआ। जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने बताया कि बारिश, ओलावृष्टि, हवा से फसलों को हुए नुकसान का टीमों से सर्वे कराया। सर्वे नौ प्रतिशत से कम हुआ।
- इन ब्लाॅक में गेहूं का हुआ किसान
मोहम्मदपुर देवमल - 3-4 प्रतिशत
हल्दौर - 1 - 5 प्रतिशत
अफजलगढ़ - 5-10 प्रतिशत
स्योहारा 2- 3 प्रतिशत
नहटौर 5-6 प्रतिशत
कोतवाली 3-4 प्रतिशत
नजीबाबाद 2- 4 प्रतिशत
किरतपुर 4-5 प्रतिशत
- नोट नुकसान का आकलन कृषि विभाग के अनुसार है।
बीमा धारक किसान खराब फसल की दें हेल्पलाइन पर सूचना
बिजनौर। पिछले कई दिन से जनपद में मौसम खराब हो रहा है। बारिश के साथ हवा व ओलावृष्टि होने से गेहूं, सरसों आदि फसलों का नुकसान हुआ है। फसलों को होने वाली क्षति को लेकर कृषि विभाग द्वारा कार्यालय जिला कृषि अधिकारी में हेल्प डेस्क की स्थापना की है।
जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमित किसानों की फसलों को प्राकृतिक आपदा से क्षति होने पर प्रतिपूर्ति का प्रावधान है। जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा कराया है। तेज हवा के साथ असामयिक वर्षा से यदि बीमित फसलें यथा-गेहूं, राई, सरसों, मसूर एवं आलू की फसल प्रभावित हुई हैं, तो फसलों की क्षतिपूर्ति का लाभ प्राप्त करने के लिए 72 घंटे के अंदर कृषि विभाग के कंट्रोल रूम के नंबर पर सूचना दें।