धामपुर में विवाहेतर प्रेम संबंधों के चलते रविवार दिन में एक चिकित्सक के घर पहुंचकर हाथ की नस काटने वाली महिला अर्चना राय (35) ने रविवार रात में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मरने से पहले महिला ने अपने फेसबुक पेज पर सुसाइड नोट लिखा है। इसमें उसने रविवार को हुई घटना बारे में लिखा है आत्महत्या करने की वजह अपने ऊपर लगे चिकित्सक पर हमला करने के झूठे आरोप को बताया है।
महिला के परिजन उसका पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे। इसे लेकर वे डीएम से भी मिले। डीएम के सहमति न देने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। महिला अर्चना राय का काफी समय से शहर के एक चिकित्सक के साथ विवाहेतर प्रेम संबंध थे। चिकित्सक की पत्नी इसका विरोध करती थी। रविवार सुबह अर्चना राय चिकित्सक के घर गई थी। वहां उसके और चिकित्सक की पत्नी के बीच झगड़ा हुआ। इसमें अर्चना ने अपने हाथ की नस भी काट ली थी। चाकू छीनने की कोशिश में चिकित्सक भी घायल हो गया था।
सूचना पर पहुंची पुलिस दोनों को थाने ले गई। सीएचसी में दोनों का उपचार कराया गया था। उपचार के बाद अर्चना राय घर चली गई थी और रविवार रात में उसने फांसी लगा ली। उसके कमरे से कुछ गोलियां भी मिली हैं। आशंका है कि ये नींद या नशे की हो सकती हैं। हालांकि पुलिस किसी भी प्रकार के सुसाइड नोट मिलने की बात नकार रही है। कोतवाल संजय प्रताप सिंह का कहना है कि पुलिस को इस प्रकरण में कोई तहरीर नहीं मिली है।
बताया जा रहा है कि अर्चना की शादी करीब एक दशक पहले हुई थी। अनबन के बाद उसने पति को छोड़ दिया था।
इसके बाद उसने धामपुर के भगत सिंह चौक निवासी विनीत माहेश्वरी से दूसरा विवाह कर लिया था। उसके पास पहले पति से एक पुत्र है। दूसरे पति से कोई संतान नहीं है। बताया गया है कि नगर के एक इंग्लिश मीडियम स्कूल में शिक्षिका अर्चना राय का वहीं एक शिक्षक से प्रेम प्रसंग था। प्रबंधन को इसका पता चला तो उसने दोनों को बाहर कर दिया था।
‘सब कुछ लुटाकर दुनिया छोड़कर जा रही हूं’
अर्चना ने अपने फेसबुक पेज पर लिखे सुसाइड नोट में कहा है कि वह चिकित्सक को अपना पति मान चुकी है। अपना सब कुछ उस पर लुटाने के बाद उसने ज्वेलरी तक चिकित्सक को दे रखी है। जब नोटबंदी हुई थी तो उसने कई दिन तक लाइन में लगकर उसकी खुशी के लिए 20 हजार रुपये की व्यवस्था की थी। चिकित्सक के शौक के लिए कीमती घड़ी, चश्मे और शर्ट भी दी। वह रविवार को केवल इसलिए उसके घर गई थी कि उसका मोबाइल स्विच ऑफ था। वह डॉक्टर से मिलकर जानना चाहती थी कि उन दोनों के फोटो फेसबुक पर किसने डाले हैं। अर्चना ने लिखा है कि जैसे ही वह उनके घर पहुंची तो चिकित्सक की पत्नी ने हमला कर दिया। बीच-बचाव में वह और चिकित्सक दोनों जख्मी भी हुए। वह चिकित्सक को दुनिया से ज्यादा चाहती है। फिर भी यह आरोप लगा कि उसने डॉक्टर को चाकू मारकर घायल किया है। इसी बात से आहत होकर उसने अपने हाथ की नस को काट डाला था।
इकलौते बेटे को लेकर जताया फिक्र
सुसाइड नोट में अर्चना राय ने बेटे को लेकर अपनी फिक्र को भी जाहिर किया है। उसने डॉक्टर को संबोधित करते हुए लिखा है कि मेरे दुनिया से जाने के बाद मेरे द्वारा तुम्हें जो ज्वेलरी दी गई है, वह मेरे बेटे यश को दे देना। वह अनाथ है। ऐसा नहीं हुआ तो उसका बेटा उसे मरने के बाद भी माफ नहीं करेगा।
मृतका का पति जेल में
अर्चना राय का करीब एक माह पहले अपने पति व परिजनों से संपत्ति को लेकर विवाद था। इसे लेकर हई मारपीट में वह घायल हो गई थी। अर्चना ने पति के खिलाफ जानलेवा हमला करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने पति विनीत का चालान कर दिया था। वह तभी से जेल में है।