बिजनौर। नांगल पुलिस के हत्थे चढ़े नकली नोटों चलाने वाले गैंग के तार किरतपुर से जुड़े हैं। किरतपुर के कई लोग इस काले कारोबार को कर रहे हैं। नकली नोट चलाने वाले गैंग के सदस्यों ने देहरादून में आलीशान कोठी तक बना रखी है। गैंग यूपी, उत्तराखंड और दिल्ली में नकली नोट सप्लाई करता है।
नांगल थाना क्षेत्र के गांव सबलपुर बीतरा निवासी अमर सिंह के घर सात सितंबर को किरतपुर थाने के गांव रंघड़पुरा निवासी अजीम, माजिद, गांव मुस्सेपुर निवासी अनीस, गांव रायपुर निवासी विनेश बकरे खरीदने गए थे। उन्होंने अमर सिंह को 38 हजार 500 रुपये दिए थे।
एक हजार के 38 नोट व 500 का एक नोट था। इसमें एक हजार के 22 नोट नकली निकले थे। बैंक में रुपये जमा करने के दौरान यह नकली नोट पकड़े गए थे। पुलिस ने इस मामले में विनेश को दबोच लिया। बाकी उसके तीन साथियों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
व िनेश का चालान कर दिया गया। नांगल पुलिस ने विनेश को फंसाने के बाद भी गैंग की तह तक जाना गंवारा नहीं किया। पुलिस सूत्रों की मानें तो किरतपुर के मोहल्ला रंघड़पुरा के कई लोग नकली नोटों के कारोबार से जुड़े हैं। देश के कई हिस्सों में यह गैंग नकली नोट सप्लाई कर रहा है। गैंग यूपी, उत्तराखंड के अलावा दिल्ली में भी कई साल से इस काम को करने में लगा है।
गैंग के कई सदस्य चंद ही दिनों में अमीर बन गए हैं। सदस्यों ने देहरादून में अपनी आलीशान कोठी तक बना ली है।
विनेश के पकड़े जाने के बाद यह सदस्य भाग निकले हैं। पुलिस अभी तक नामजद विनेश के फरार साथियों को ढूंढ रही थी।
अफसरों को गैंग के बाकी सदस्यों के नाम बताने के बाद पुलिस अब इन सदस्यों की तलाश में भी जुट गई है। एसपी सिटी कल्पना सक्सेना के मुताबिक नकली नोटों का कारोबार करने वाला यह बड़ा गैंग है। पुलिस गैंग से जुड़े सभी सदस्यों को तलाश रही है। जल्द ही सभी सदस्य सलाखों के पीछे होंगे।