बिजनौर में एडीजे संदीप जैन ने ग्राम अथाई में हुए दोहरे हत्याकांड में दो भाई समेत तीन हत्यारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने तीन दोषियों पर एक-लाख का अर्थदंड भी लगाया है।
थाना हल्दौर के ग्राम अथाई निवासी मसीनुद्दीन ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका भतीजा जावेद व इलियास 27 मार्च 2013 को ग्राम अथाई में जावेद के घर बैठा था। शाम करीब 4.30 बजे गांव फजलपुर ढ़ाकी निवासी इमरान व उसका भाई कादिर अपने साथी आमिर के साथ जावेद व इलियास को बुलाकर ले जाने लगे। मौके पर मौजूद लोगों ने यह कहकर जावेद व इलियास को होली का दिन बताकर रोकने की कोशिश की। हालांकि इमरान, कादिर व आमिर दोनों को एक घंटे में वापस आने की बात कहकर अपने साथ ले गए। करीब 5.30 बजे गांव में सूचना मिली कि जावेद व इलियास का शव खासपुरा निवासी रामकुमार के घर के सामने रोड पर पड़ा है। जब गांव के लोग वहां पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि जावेद व इलियास के शव सड़क पर खून से लथपथ पड़े थे व बाइक सड़क पर टूटी पड़ी। गांव वाले घटना को सड़क हादसा मानकर शवों को गांव ले आए।
रात करीब नौ बजे जब गांव वालों ने इलियास के शव को गौर से देखा तो इलियास के सिर में गोली लगने के निशान मिले। इसकी सूचना पुलिस को दी गई व दोनों का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इलियास के सिर में गोली लगी पाई गई। जावेद के शरीर पर भी चोटों के कई निशान थे। इलियास के दो लाख रुपये इमरान पर कर्ज थे। कर्ज लौटाने में इमरान मना कर रहा था और उसने अपने भाई व एक साथी के साथ मिलकर इलियास व जावेद को मौत के घाट उतार दिया। शासकीय अधिवक्ता गंगाराम के अनुसार इस मामले में आमिर ने जावेद का मोबाइल व हत्या में प्रयुक्त रॉड, कादिर से 315 बोर का तमंचा, इमरान से इलियास का मोबाइल व 315 बोर का तमंचा बरामद किया था। कोर्ट ने उपरोक्त साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों इमरान, उसके भाई कादिर व साथी आमिर को इलियास व जावेद की हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।