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गांव अंतेहड़ी में नहीं मनेगी दिवाली

Sat, 29 Oct 2016 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ कुरुक्षेत्र।
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कुरुक्षेत्र/लाडवा।  
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मनदीप की शहादत पर गांव में शोक की लहर है। परिजनों के इस दुख में पूरा गांव भी शामिल है। मनदीप की शहादत के बाद कई ग्रामीणाें ने कहा कि इस बार गांव में दिवाली नहीं मनाई जाएगी। इधर परिजनों को शुक्रवार देर रात को ही सेना के अधिकारियों ने मनदीप के शहीद होने की सूचना परिजनों को दे दी थी।
गांव के सरपंच ने भी इस बात की घोषणा शनिवार को सुबह कर दी कि गांव में इस बार दिवाली नहीं मनेगी। लोगों ने कहा मनदीप सिंह की शहादत पर गर्व है। उसकी शहादत को पूरा गांव नमन करता है। इस दुख की घड़ी में गांव में इस बार दीवाली पर कोई दीप नहीं जलेगा। गांव में जो भी दीप जलेगा वो शहीद मनदीप सिंह की याद में ही जलेगा।
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देर रात मिली सूचना
शुक्रवार देर रात को सेना के दो अधिकारी चंडीगढ़ से अंतेहड़ी गांव पहुंचे। उन्होंने मनदीप के परिजनों को उसके शहीद होने की सूचना दी। इसके बाद घर में कोहराम मच गया। कुछ ही देर में पूरे गांव में मनदीप के शहीद होने की खबर फैल गई। मोहल्ले के लोग रात में ही परिजनों को सांत्वना देने पहुंच गए। इससे पहले जैसे ही यह खबर मनदीप की मां निर्मला ने सुनी वह बेसुध हो गई। पत्नी प्रेरणा भी इस खबर पर यकीन नहीं कर पाई, लेकिन सेना के अधिकारियों की बात पर विश्वास करना ही पड़ा। इसके बाद से ही उसकी हाल खराब हो गई। सुबह विधायक पवन सैनी, पूर्व विधायक रमेश गुप्ता, मेवा सिंह, डीसी सुमेधा कटारिया, एसपी सिमरदीप सिंह सहित जिले के तमाम नेता व अधिकारी पहुंच चुके हैं।

बहादुरी से लड़ता रहा मनदीप
संदीप के अनुसार सेना के अधिकारियों ने बताया कि मनदीप आखिरी दम तक लड़ता रहा। उसने दुश्मन की हर गोली का जवाब बहादुरी से दिया,लेकिन एक गोली उसे लग गई और वह शहीद हो गया। इधर टीवी चैनलों में जब यह खबर चली कि शहीद का सिर भी आतंकवादी ले गए तो इसके बाद गांव में पाकिस्तान के खिलाफ जमकर गुस्सा उभर कर सामने आया। लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।


बचपन से ही था देश सेवा का जनून
मनदीप सिंह का बचपन से ही देश सेवा का जुनून था । अपने जुनून को पूरा करने के लिए वह वर्ष 2008 में सेना की 17 बटालियन में भर्ती हुआ था। सेना की टे्रनिंग के बाद से ही से मनंदीप  जम्मू-कश्मीर में सीमा पर तैनात था। घर पर फोन पर बात करते हुए अक्सर पाकिस्तान को सबक सिखाने की बात करता था।
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गांव के कई  युवा सेना में
गांव अंटेहडी के कई युवा भारतीय सेना में है और विभिन्न जगहों पर तैनात रहकर देशसेवा कर रहे हैं। गांव के निवासी ज्ञानसिंह नंबरदार ने बताया कि गांव के 16 युवक इस समय सेना में हैं। उन्होंने बताया कि गांव का एक अन्य युवक विक्रम सिंह भी मनदीप सिंह के साथ सीमा पर तैनात था। दोनों ही युवक एक साथ एक जगह ही तैनात थे।
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