बिजनौर/कोतवाली देहात में गांव अमीरपुुर गांगू में सूदखोरों के जाल में फंसे एक व्यक्ति ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। उधर, गांव महमूदा भावता के जंगल में भी नलकूप की रेलिंग से एक युवक का शव फांसी पर लटका हुआ मिलने से दहशत पसर गई।
ग्रामीणों के मुताबिक थाना शहर कोतवाली के गांव अमीरपुर गांगू निवासी रमेश सिंह (57) गांव धौकलपुर में रहता था। गांव के तीन सूदखोरों से उसने 30 हजार रुपये ब्याज पर ले रखा था। तीनों लोग रुपये वापस लेने के लिए उस पर दबाव डाल रहे थे। शुक्रवार की रात सूदखोरों के साथ रमेश ने शराब पी। सूदखोरों ने ब्याज पर दिए रुपये वापस न करने पर सुबह उसके पशु खोलकर ले जाने और उसकी पत्नी को अपमानित करने की धमकी दी। इस बात से रमेश घबरा गया। वह रात को ही अपने घेर में ही फांसी के फंदे पर झूल गया। शनिवार सुबह परिजनों ने शव को फांसी पर लटका देख पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शहर कोतवाली के कार्यवाहक प्रभारी जसवीर सिंह के मुताबिक रमेश ने आत्महत्या की है। आत्महत्या करने के कारणों की जांच की जा रही है। उधर, परिजनों ने पुलिस में तहरीर दी है कि भैंस का रस्सा गले में अचानक फंसने से दम घुटने से रमेश की मौत हुई है।
वहीं, थाना नहटौर क्षेत्र के गाव फुलसंदा निवासी महेंद्र सिंह का करीब 25 वर्षीय पुत्र रंजीत सिंह 12 जून से घर से लापता था। शनिवार की सुबह करीब 11 बजे थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव महमूदपुर भावता निवासी राजाराम सिंह की जमीन का बटाईदार जितेंद्र कुमार खेत पर पहुंचा, तो खेत में नलकूप के पीछे युवक का शव रेलिंग से फांसी पर लटका देखा। राजाराम व पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को रेलिंग से उतारा। शव के पास बैग में रखे कागजों के आधार पर उसकी शिनाख्त रंजीत के रूप में हुई। पुलिस ने सूचना परिजनों को दी। महेंद्र सिंह ने मौके पर पहुंचकर शव की पहचान अपने पुत्र रंजीत के रूप में की। महेंद्र सिंह ने पुत्र द्वारा आत्महत्या किए जाने का शक जताया है। परिजनों के अनुुसार रंजीत की शादी करीब एक साल पहले ही हुई थी। पुलिस ने शब को कब्जे मे लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।