दलितों एवं जाटों में संघर्ष के बाद गांव में तैनात पुलिस।
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बिजनौर में गांव सिकंदरपुर में दलितों व जाटों के बीच हुए संघर्ष के बाद गांव में तनाव बना हुआ है। रविवार को दलित महिलाओं ने जाटों के मकानों पर जाकर खूब हंगामा किया व पुलिस के साथ नोकझोंक की। गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है। एक आरोपी को पुलिस ने दबोच लिया है। जाटों ने अपने मकानों पर जमीन व मकान बिकाऊ है लिख दिया है। उन्होंने गांव से पलायन करने की बात कही है। इससे प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
दलित बहुल गांव सिकंदपुर लालमन गांव में शुक्रवार काे घूम रहे जाट पक्ष के अवनीश तथा दलित पक्ष के अर्जुन पुत्र जगदीश में किसी बात को लेकर मारपीट हो गई थी। वहां से बीच बचाव के बाद अवनीश ने घटना को अपने घर जाकर बताया। इसे सुनकर अवनीश के पिता रविंद्र सिंह जगदीश के घर जाने लगे, लेकिन रास्ते में उनके साथ अर्जुन पक्ष के लोगों ने मारपीट कर दी। देखते ही देखते अवनीश व जगदीश के परिवार वालों में पथराव व फायरिंग होने लगी, जो लगभग आधा घंटा तक चली। विवाद में दोनों पक्षों के 12 लोग घायल हो गए। अर्जुन पक्ष के टिंकू ने रविंद्र पक्ष के खिलाफ मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले में रविंद्र को दबोच लिया है। पुलिस ने रविवार को विवाद में आरोपी जाट वर्ग के लगभग एक दर्जन परिवारों ने अपने घर पर खेती व घर की जमीन को बेच कर वहां से पलायन करने का पेपर चस्पा दिया। दलितों की महिलाओं ने भी जाट पक्ष के लोगों के घर के बाहर जाकर हंगामा किया। दोनों पक्षों की महिलाएं आपस में भिड़ गईं। पुलिस के साथ भी नोकझोंक की। पलायन की बात कहने वाले परिवारों का आरोप है कि गांव में रहने वाला दलित वर्ग उन्हें परेशान कर रहा है और तथा उन पर झूठे मामले में फंसाने का आरोप लगाते हुए मारपीट करने की धमकी दे रहे हैं। गांव में दलितों की आबादी बहुत ज्यादा है जबकि जाटों की संख्या कम है।
शहर कोतवाल फतेह सिंह के मुताबिक एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गांव में पुलिस तैनात है। घरों पर पलायन के लिए पेपर चस्पा करने के मामले में शहर कोतवाल चुप्पी साध गए।