बिजनौर में पुलिस ने बीस दिन पूर्व जिल महिला अस्पताल से चोरी हुए नवजात को बरामद कर लिया हैं। बच्चे को गांव खुशहालुपर की सरोजदेवी महिला ने चोरी किया था। पुत्र की चाहत में सरोज बच्चा चुरा कर ले गई थी। पुलिस ने सरोज को दबोच लिया है।
नगीना थाने के गांव पखनपुर निवासी तेजपाल सिंह की पत्नी किरनदेवी ने छह दिसंबर को जिला महिला अस्पताल में पुत्र को जन्म दिया था। आठ दिसंबर को किरनदेवी की सास केलो देवी बच्चे को लेकर अस्पताल परिसर में घूम रही थी । एक महिला केलो देवी के पास आई और सरकारी योजना का लाभ दिलाने के लिए बच्चे का फोटो खिंचवाने के बहाने अपने साथ अस्पताल से बाहर ले गई।
बच्चे को गोद में लेकर केलो देवी को झांसा देकर बच्चे को लेकर भाग निकली थी। बच्चे को ले जाने के मामले में शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस बच्चे को बरामद करने में लगी थी। बच्चे के परिजन आशाओं पर बच्चे को चोरी करने का इल्जाम लगा रहे थे। आशाओं समेत कई लोगों से पूछताछ भी हुई पर बच्चे तक पुलिस नहीं पहुंच पाई थी। 21 दिसंबर को पुलिस ने नहटौर थाने के गांव खेड़ी जट निवासी दुलीचंद की पत्नी रीना देवी के पास से किरन के बच्चे के शक में एक बच्चा बरामद किया था। रीना ने यह बच्चा चांदपुर के एक नर्सिंगहाेम से 90 हजार में खरीदा था। पुलिस की जांच पड़ताल में यह बच्चा किरन का नहीं निकला। पुलिस ने बच्चे की खरीद-फरोख्त में नर्सिंगहोम के मालिक सपा नेता डा. लाखन सिंह पाल, उनकी पत्नी चंद्रावती, चांदपुर में तैनात महिला कर्मचारी खेमचंद की पत्नी व मंडी धनौरा निवासी मुकेंद्र को दबोचा था।
खेमचंद पुलिस के हाथ नहीं आया था। पुलिस अभी भी उनकी तलाश में है। खेड़ीजट में रीना के पास से बरामद बच्चा उसकी असली मां गुड्डी को सौंप दिया गया। सभी आरोपियों के खिलाफ मानव तस्करी समेत कई संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। रविवार को पुलिस को मालूम हुआ कि अस्पताल से चोरी हुआ बच्चा गांव नजीबाबाद थाने के गांव मड़का खुशहालपुर में पाले की पत्नी सरोज देवी के पास है।
ऐसे ले गई थी सरोज बच्चे को अपने साथ
आरोपी महिला सरोज देवी के मुताबिक उसकी शादी बीस साल पहले किरतपुर थाने के गांव शेखपुर के रहने वाले परशुराम के साथ हुई थी। उसके जब कोई संतान नहीं हुई तो उसने पाले से शादी कर ली। पाले से उसके तीन पुत्री हुई। दो पुत्री मर गई एक दो साल की अभी जिंदा है। सरोज को पुत्र की बहुत चाहत थी। दरोगा अभितेंद्र सिंह के मुताबिक पुत्र को चोरी करने के लिए कई बार सरोज जिला महिला अस्पताल आई पर उसे बच्चा चोरी करने का मौका नहीं मिला। घटना के रोज उसने केलो देवी से बातों-बातों में बतिया कर मालूम कर लिया कि बच्चे के माता-पिता विकलांग हैं।
केलो देवी को बच्चे का बीमा कराने की बात बताई तथा अपने साथ जजी के सामने फोटो स्टूडियो पर ले गई। वहां बच्चे के फोटो खिंचवाए। जजी के गेट के अंदर बच्चे को लेकर महिला खाली पड़े तख्त पर बैठ गई और केलो देवी को फोटो लेने दुकान पर भेज दिया। इस दौरान सरोज बच्चे को लेकर फरार हो गई।
पुलिस ने छोड़ दी थी आस
पुलिस ने अस्पताल से गायब हुई बच्चे के बरामद होने की आस छोड़ दी थी। पुलिस को उम्मीद नहीं थी अब बच्चा मिल जाएगा। पुलिस केवल बच्चे की बरामदगी के लिए मीडिया का ही सहारा ले रही थी। रविवार को गांव खुशहालपुर से किसी ने पुलिस को फोन करके जब यह बताया कि अस्पताल से गायब बच्चा गांव में एक महिला के पास है तो पुलिस की बांछे खिल गई । पुलिस गांव की ओर दौड़ी ओर बच्चे को बरामद कर लिया। बच्चा बरामद होने से पुलिस की बड़ी सिरदर्दी खत्म हो गई है।
पुलिस किरन की सास केलोदवी व अन्य परिजनों को लेकर वहां पहुंची तथा सरोज के पास से बच्चे को बरामद करके उसके परिजनों को सौंप दिया। केलो देवी ने बच्चे को ले जाने वाली महिला को पहचान लिया। पुलिस महिला सरोज को दबोच कर शहर कोतवाली ले आई और उसका चालान कर दिया। सिविल लाइन चौकी पर तैनात दरोगा अभितेंद्र सिंह के मुताबिक कड़ी मेहनत से पुलिस बच्चे तक पहुंच पाई है। बच्चे को पाकर उसके परिजन खुश है।