नजीबाबाद। ब्लॉक कर्मी से सख्ती से हुई पूछताछ के बाद पुलिस ने उसकी लापता पत्नी सोनिया का शव नहर से बरामद कर लिया है। बकौल पुलिस ने देवेंद्र ने ही अपने परिजन और साथियों के साथ सोनिया की हत्या कर शव नहर में डाल दिया था। इस मामले में पहले ही सोनिया के परिजनों पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज करा चुके हैं।
नजीबाबाद ब्लॉक में मनरेगा के तकनीकी सहायक पद पर कार्यरत मुजफ्फरनगर जनपद के चरथावल के गांव दहचंद निवासी देेवेंद्र सिंह की पत्नी सोनिया 18 सितंबर की रात से लापता थी। देवेंद्र का कहना था कि सड़क दुर्घटना में उनकी कार नहर में गिर गई थी, जिसमें वह घायल हो गया था और सोनिया की तालाब में डूबने से मौत हो गई है, लेकिन सोनिया के मायके वालों को उसके पति की बात पर यकीन नहीं था।
सोनिया के पिता अतर सिंह ने अपने दामाद देेवेंद्र ,सास, जेठ, जेठानी के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हत्या का मामला दर्ज होने के बाद नजीबाबाद पुलिस ने मुजफ्फरनगर अस्पताल से देवेंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की। थाना प्रभारी सत्यवीर सिंह ने बताया कि पूछताछ में देवेंद्र ने अपने परिजनों सहित रम्पुरा निवासी मो.असलम, जलालाबाद निवासी उस्मान, जालपुर निवासी प्रधान कल्लू के साथ मिलकर पत्नी की हत्या कर शव नहर में फेंकने का अपराध स्वीकार किया।
एसओ के अनुसार देवेंद्र की निशानदेही पर मंगलवार को पुलिस ने सोनिया का शवबरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पांच लाख के लिए किया कत्ल : परिजन
सोनिया का नहर से शव मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। पिता अतर सिंह, भाई विकास और अनुज एवं परिजनों ने पांच लाख रुपये की मांग पूरी न होने पर सोनिया को की हत्या करने का आरोप लगाया। परिजनों का आरोप था कि सोनिया गर्भवती थी। उन्होंने दो जान लेने वाले हत्यारोपियों को कठोर सजा दिलाने की गुहार लगाई।
देख लो कैसा इलाज कराया
सोनिया ने मौत से कुछ घंटे पहले अपने माता-पिता को फोन पर बताया था कि उसके पति उसे इलाज के लिए चिकित्सक के यहां ले जा रहे हैं। पिता ने चीख-चीखकर पुलिस ने कहा देख लो उसकी बेटी का यह कैसा इलाज कराया है। पिता का यह हाल देख वहां मौजूद लोगों की आंखों में आंसू थे।