बिजनौर में सेवानिवृत्त ग्राम विकास अधिकारी छतर सिंह ने पूर्व मंत्री मूलचंद चौहान के पुत्र और जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष अमित चौहान समेत तीन लोगों के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि कनपटी पर रिवॉल्वर रखकर उन्हें हत्या की धमकी दी गई है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव आसपुर नवादा निवासी छतर सिंह के मुताबिक, नगीना मार्ग पर गांव गढ़ी में उनका मकान है। शुक्रवार सुबह करीब साढे आठ बजे वह बाइक से नगीना रोड स्थित अपने गोदाम पर जा रहे थे। छोइया पुल पर नगीना की ओर से आ रही एक कार रुकी। छतर सिंह के मुताबिक, कार से घामपुर थाने के गांव नौरंगावाद निवासी पूर्व मंत्री मूलचंद चौहान के पुत्र अमित चौहान, शुगर मिल कॉलोनी धामपुर निवासी कपिल गुर्जर, नगीना देहात थाने के गांव रामुपर सादात निवासी उस्मान अली उतरे।
अमित चौहान व कपिल ने पिस्टल निकालकर उनकी कनपटी पर रख दी। उन्होंने धमकी दी कि उत्तराखंड में दर्ज मुकदमा वापस नहीं लिया और इसकी पैरवी करना नहीं छोड़ा तो जान से मार देंगे। धक्का-मुक्की और गाली-गलौज के वे वहां से चले गए।गौरतलब है कि वर्ष 2013 में हुए जिला पंचायत के चुनाव में सपा नेता रफी सैफी की पत्नी नसरीन सैफी और छत्रपाल सिंह की पत्नी विजयवीरी आमने-सामने थीं।
विजयवीरी के पाले में 22 सदस्य थे। छत्रपाल सिंह ने इन सदस्यों को ऋषिकेश के शिवा रिसोर्ट में रखा था। तत्कालीन मंत्री मूलचंद चौहान, उनके पुत्र अमित चौहान, पूर्व सांसद यशवीर सिंह धोबी, कपिल, राशिद हुसैन, शेरबाज पठान, रजा अली परवेज समेत कई सपा नेताओं के खिलाफ नीलकंठ थाने में हमला करके जिला पंचायत सदस्यों के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। कोर्ट से अब इन आरोपियों के वारंट जारी हुए हैं। नीलकंठ थाने की पुलिस आरोपियों की तलाश में है। शेरबाज पठान व रजा अली परवेज का पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।