धामपुर में नगीना चौराहे पर अतिक्रमण हटवाती पुलिस।
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बिजनौर के धामपुर में प्रशासन के अतिक्रमण हटाओ अभियान के पहले दिन ही पक्षपात के आरोप लग गए। आरोप है कि अधिकारियों ने डंडा फटकार कर रेहड़ी, ठेले वालों को दौड़ाना शुरू कर दिया। जबकि दुकानों के आगे हुआ अतिक्रमण जस का तस रहा।
बुधवार को तहसीलदार, सीओ की निगरानी में पालिका की टीम ने अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया, लेकिन इसमें पक्षपात के आरोप लग गए। सुहैल अहमद, गफ्फार, शाजिद, जुबैर खान, विनीत कौशिक, रामकुमार आदि का आरोप है कि पुलिस प्रशासन विशेष समुदाय को टारगेट बनाकर अतिक्रमण हटाओ अभियान चला रहा है। यदि अफसरों को अतिक्रमण ही हटाना है तो महाबली को साथ लेकर आते। जहां तक रेड निशान लगे हुए है,ं वहां तक स्थायी अतिक्रमण हटाना चाहिए था। अतिक्रमण हटाने में कई ऐसे भी लोग आते, जिनकी सत्ता में पकड़ है। इसी वजह से स्थायी अतिक्रमण नहीं हटाया गया। रेहड़ी, ठेला लगाकर रोजी रोटी कमाने वालों को भगा दिया गया। जबकि स्थायी अतिक्रमण जस का तब बना हुआ है। आरोप है कि नगीना चौराहे पर अस्थायी अतिक्रमण हटाने के बाद प्रशासन ने काफी दूर जाकर एक विशेष समुदाय के होटल को पीछे धकेल दिया। मुख्य बाजार में भी कोई अभियान नहीं चलाया गया। जहां पर बाजार जाने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। बाजार में अधिकांश दुकानदारों अपना सामान दुकान से कई फिट बाहर निकालकर रख रखा है।
अस्थायी अतिक्रमण हटाया : तहसीलदार
तहसीलदार भान सिंह का कहना है कि अभी अस्थायी अतिक्रमण हटाया गया है। तीन दिन के बाद स्थायी अतिक्रमण हटाया जाएगा। रेेड लाइन के दायरे में आने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
अतिक्रमण से निजात मिलेगी : सीओ
सीओ अर्चना सिंह का कहना है कि अभियान को निष्पक्ष ढंग से चलाया गया है। जल्द ही नगीना चौराहे को वाहनों और स्थायी अतिक्रमण से निजात दिलाई जाएगी।