बिजनौर। डीआईजी विजय कुमार मीणा के मुताबिक रैय्यान ने पुलिस को बताया कि उसकी बुआ निखहत और फूफा तसलीम की अपने पड़ोसी नन्हे खां से रंजीतनगर दिल्ली में विवाद के बाद मारपीट हो गई थी। दिल्ली में इसकी रिपोर्ट दर्ज हुई । रैय्यान के चाचा जकावत ने तंजील अहमद से बुआ व फूफा के लिए सिफारिश करने को कहा।
इस पर तंजील अहमद ने सिफारिश करने से साफ मना कर दिया था। इस वजह से बुआ व फूफा को दो दिन तक जेल में रहना पड़ा था। इसके अलावा तंजील अहमद ने रैय्यान के चाचा जकावत पर दबाव डालकर जकावत के मकान को अपनी दुकान से फायदे के लिए बदल लिया था।
तंजील ने पहले से अपनी दुकान जकावत को दे रखी थी। इसके अलावा रैय्यान के पिता के दिल्ली में रहने वाले मौसेरे भाई केसर
बदरूलजमा नाम के एक व्यक्ति के साथ प्रॅापर्टी का काम करते थे। केसर चाचा के एक करोड़ रुपये बदरूल जमा खां पर निकल रहे थे, जो केसर को नहीं दिए थे।
चाचा जकावत ने तंजील अहमद से रुपये दिलवाने को कहा था। तंजील अहमद ने पैसा नहीं दिलाया और केसर की पार्टनरशिप बदरूलजमा खां के साथ खत्म कराकर अपने ममेरे भाई नवील की पार्टनरशिप करा दी थी। साथ ही कहा था कि तुम लोग खैरात व जकात पर पलने वाले चंदे के रुपयों पर जीने वाले हो। तंजील अहमद ने चाचा जकावत के साथ रैय्यान के पूरे खानदान को अपमानित किया था। रैय्यान की दिल्ली में रहने वाले बुआ निखहत पर तंजील ने मोबाइल चोरी का इल्जाम भी लगाया था, तभी से रैय्यान ने तंजील से बदला देने की ठान रखी थी।