बिजनौर में नहटौर के नाजिम ने मुंबई में रहकर अपना आतंकी गुट बना लिया था। कई युवाओं को उसने साथ जोड़ लिया था। पुलिस ने नाजिम को दबोचकर उसके साथियों को भी पकड़ा था।
नाजिम मुंबई में काम करने के नाम पर गया था। वहां वह आईएस से जुड़ गया था। सऊदी अरब में उसके ट्रेनिंग लेने की बात भी सामने आई थी। नाजिम के साथ बढ़ापुर की मोती मस्जिद का इमाम मुफ्ती फैजान भी जुड़ा था।
फैजान ने मदरसों में पढ़ने वाले कई युवाओं को बरगलाकर साथ जोड़ लिया था। एटीएस ने फैजान समेत पांच लोगों को दबोचा था। बाद में किसी घटना में संलिप्त न पाए जाने पर चार युवकों को भविष्य में ऐसी हरकत न करने की चेतावनी देकर छोड़ दिया था। फैजान, नाजिम व उसके दो अन्य साथी अप्रैल माह में दबोच लिए गए थे। नाजिम ने साथियों के साथ पंजाब में बैठकर आतंकी वारदात अंजाम देने की योजना बनाई थी। इसके लिए नाजिम का गैंग धन जुटाने में लगा था।