एनआईए अधिकारी तंजील अहमद की सनसनीखेज तरीके से हत्या करने वाले शूटर मुनीर की तलाश में लुकआउट नोटिस जारी कर दिया गया है। यूपी पुलिस ने इस नोटिस को देश के सभी राज्यों की पुलिस व हवाई अड्डों पर भेजा है। ऐसा इस अंदेशे से किया गया है कि मुनीर देश छोड़ कर कहीं भागने की कोशिश न करे।
एसटीएफ व एटीएस दोनों ही जांच एजेंसियों के अपर पुलिस महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी ने कहा कि मुनीर की गिरफ्तारी के लिए लुटआउट नोटिस जारी कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि नोटिस के साथ उसका फोटो व आम हुलिया भी भेजा गया है। सभी राज्यों की पुलिस व विशेषज्ञ जांच एज़ेंसियों के साथ ही सभी हवाई अड्डों पर भी यह सूचना दे दी गई है। इसके साथ ही उसकी गिरफ्तारी पर दो लाख रुपये का इनाम करने का प्रस्ताव तैयार हो रहा है, जिसे जल्द ही स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाना है।
एडीजी ने बताया कि इसके साथ ही मुनीर की संपत्ति की जानकारी करनी शुरू कर दी गई है। पुलिस को यह बात पहले से ही पता है कि मुनीर शातिर लुटेरा भी है और पूर्व में वह एक बैंक की कैश वैन से 91 लाख रुपये लूट चुका है। एसटीएफ अब यह पता कर रही है कि मुनीर ने लूट की रकम से कहां-कहां संपत्ति बनाई है। अधिकारियों के अनुसार जरायम से मिली रकम को मुनीर ने प्रापर्टी डीलिंग में लगाया हुआ है। उसकी ऐसी स़ंपत्ति को जब्त करने की विधिक कार्यवाही की जाएग़ी। इसके अलावा उसके व उसके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों की पड़ताल की जाएग़ी। इस कार्य की जिम्मेदारी भी एसटीएफ को सौंपी गई है। इस बीच जांच एज़ेंसियों ने मुनीर के सभी जानकारों की सूची तैयार कर ली है। इनमें उसके संभावित मददगारों को चिह्नित करा जा रहा है। एटीएस के सूत्रों का कहना है कि उसका एक मददगार अलीगढ़ जेल में बंद पूर्व छात्र नेता आशुतोष मिश्रा है। आशुतोष के कहने पर मुनीर ने एक हत्या की थी।
एसटीएफ व बिजनौर पुलिस ने पिछले दिनों आशुतोष मिश्र से जेल जाकर पूछताछ भी की थी, पर कोई खास जानकारी हाथ नहीं लग सकी थी। बिजनौर के एसएसपी सुभाष सिंह बघेल का कहना है कि जिला पुलिस की पांच से अधिक टीमें मुनीर की तलाश में विभिन्न जिलों में दबिश दी जा रही है। एडीजी ने भी कहा कि मुनीर की तलाश में एटीएस व एसटीएफ की कई टीमें लगी हैं और उसके कई परिचितों से पूछताछ हो चुकी है और कुछ से पूछताछ जारी है।
मुनीर का नहीं मिला कोई लोकेशन
एनआईए के डीएसपी तंजील अहमद मर्डर में कुख्यात मुनीर ने पुलिस की नींद उड़ा दी है। मुनीर के लोकेशन बारे में भी कोई कामयाबी पुलिस महकमा को नहीं लग रहा है। यहां तक की रिश्तेदारी व परिचित के जरिये मुनीर तक पहुंचने की पुलिस की तमाम कोशिश नाकाम हो रही हैं। कई जिलों की पुलिस ने अलीगढ़ में डेरा डाल दिया है। एसटीएफ नोएडा तंजील मर्डर की जांच पड़ताल के लिए बिजनौर पहुंच गई है। एनआईए अफसर तंजील मर्डर के मामले में पुलिस उलझी पड़ी है। तंजील का मर्डर करने के बाद मुनीर कहां है इस बारे मे कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। पुलिस की तमाम कोशिशें मुनीर को ढूंढने में नाकाम हो रही हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक मुनीर ने तंजील की हत्या से पहले ही अपना ठिकाना तय कर लिया था। रय्यान अगर मर्डर का राज न खोलता तो शायद पुलिस अब तक तंजील मर्डर की तह तक भी न पहुंच पाती। मुनीर को लेकर पुलिस ने चारों तरफा जाल बिछा रखा है, पर उसका कोई क्लू पुलिस को नहीं मिल रहा है। पुलिस को शक है कि मुनीर अलीगढ़ में छिपा हो सकता है।
फरजाना दिल्ली के एम्स में शिफ्ट
नोएडा सेक्टर-62 स्थित फोर्टिस अस्पताल से सोमवार दोपहर फरजाना खातून को दिल्ली के एम्स में शिफ्ट कर दिया गया। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक फरजाना को रेफर नहीं किया गया है, बल्कि परिजन अपनी इच्छा से उन्हें एम्स लेकर गए हैं। डॉक्टरों ने बताया कि उनकी हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा था। बता दें कि तीन अप्रैल को एनआईए के डिप्टी एसपी तंजील अहमद की पत्नी फरजाना को फोर्टिस अस्पताल में भर्ती किया गया था। डॉक्टरों ने बताया था कि गोली उनके पेट के अहम हिस्सों समेत छोटी और बड़ी आंत को फाड़ कर निकल गई थी। साथ ही उनके शरीर में काफी जख्म भी थे।