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एक्सपायरी डेट बदल बेचते थे दवाइयां

Fri, 17 Mar 2017 11:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
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नूरपुर में पकड़ा गया एक्सपायरी डेट की दवा रखने का आरोपी। - फोटो : अमर उजाला
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नूरपुर में एक्सपायर दवाइयों की डेट बदलकर बाजार में बेचने वाले बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। शुक्रवार को पुलिस व औषधि विभाग की संयुक्त टीम ने मोहल्ला हजरतनगर में धामपुर मार्ग स्थित एक मकान पर छापा मारा। यहां से भारी मात्रा में एक्सपायर डेट की दवाइयां, दवा की शीशियों पर चिपकाने वाले रैपर और दवाईयों पर लगाने वाली मोहर बरामद की गई हैं। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। बरामद दवा की कीमत लाखों रुपये में बताई जा रही है। 
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शुक्रवार को अमरोहा पुलिस ने एक सूचना के आधार पर अमरोहा के मोहल्ला कुरैशियान में एक मकान में छापा मारकर करीब एक ट्रक एक्सपायर डेट की दवा बरामद की थी। मौके से एक व्यक्ति हसीन को गिरफ्तार किया गया। हसीन की निशानदेही पर अमरोहा पुलिस ने नूरपुर पुलिस व औषधि विभाग की टीम के साथ मोहल्ला हजरतनगर में धामपुर मार्ग स्थित नासिर के मकान पर छापा मारा। यहां से भी भारी मात्रा में एक्सपायर डेट की दवाएं बरामद हुईं। यहां से पुलिस ने चांदपुर निवासी शहजाद को गिरफ्तार किया। मकान स्वामी मौके से फरार हो गया।
औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा ने बताया कि बरामद दवा में सभी बड़ी कंपनियों की टेबलेट, इंजेक्शन व सिरप हैं। इनमें प्रमुख रूप से एवॉट, फाईजर, मैनकाइंड, कैडिला आदि शामिल हैं। यह दवा कहां से आती थी और कहां-कहां सप्लाई होती थी, इसका पता लगाया जाएगा। बरामद हुई दवा की कीमत लाखों रुपये में है।
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मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़
एक्सपायर दवा की डेट बढ़ाकर दवा माफिया लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है। दवा कंपनियां सभी उत्पादों पर मैन्यूफैक्चरिंग एवं एक्सपायर डेट के साथ बैच नंबर अंकित करती हैं। एक्सपायरी डेट निकलने के बाद बेकार हुई दवा को नष्ट कर दिया जाता है। नूरपुर व अमरोहा में पकड़ी गई सभी दवाएं एक्सपायर डेट की हैं। इन्हें एक्सपायरी डेट बढ़ाकर बाजार में बेचा जाना था। छापे के दौरान कुछ शीशी ऐसी मिली हैं, जिन पर कोई रैपर ही नहीं लगा था। उनमें सफेद पाउडर जैसा भरा हुआ था। औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा ने बताया कि एक्सपायर दवा के सेवन से मरीज को फायदे के बजाय नुकसान हो सकता है। साइड इफेक्ट होने पर मरीज की जान तक जा सकती है। 

जांच में हो सकता है बड़ा खुलासा
एक्सपायर दवा कहां से आ रही थी, इसकी गहराई से जांच की जाए तो बड़ा खुलासा हो सकता है। जितनी भारी मात्रा में दवा बरामद हुई है, उतनी मेडिकल स्टोरों से इकट्ठी नहीं की जा सकती। न ही यह एक-दो लोगों का काम हो सकता है। इसके पीछे संगठित गिरोह की आशंका है। डीआई आशुतोष मिश्रा ने बताया कि उनकी जानकारी में आया है कि यह दवा राजस्थान से आती है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही मेडिकल स्टोरों पर भी छापामार अभियान चलाया जाएगा। समाचार भेजे जाने तक बरामद दवा को सीज किया जा रहा था।
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