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विवादित किताब स्कूल से कर दी गायब

Tue, 30 Jan 2018 11:59 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
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बिजनौर में देश से फरार चल रहे जाकिर नाईक को नायक बताकर पढ़ाई जा रही हीरोज ऑफ इस्लाम नाम की किताब को स्कूल के संचालक ने रातों रात स्कूल से गायब करा दिया। स्कूल के बच्चों की जुबान पर भी बंद करा दी गई। स्कूल में जांच करने गई बीएसए की टीम को संचालक के चौकस हो जाने के कारण स्कूल से कुछ नहीं मिला। स्कूल के बच्चों ने जरूर सहमे अंदाज में टीम से बात की। किरतपुर क्षेत्र के एक निजी स्कूल में कक्षा दो के बच्चों को हीरोज ऑफ इस्लाम नाम की किताब खुलेआम पढ़ाई जा रही है। गजब तो है कि स्कूल को नर्सरी से लेकर कक्षा आठ तक की इंग्लिश मीडियम की मान्यता है। इसके बाद भी स्कूल में इस्लामिक किताब पढ़ाई जा रही थी। स्कूल में पढ़ाई जा रही किताब पर स्कूल की सत्र 2017-18 की मोहर भी लगी है। यह किताब तमाम बच्चों के अभिभावकों के पास है। अभिभावकों ने ही इस किताब के स्कूल में पढ़ाने पर एतराज किया है। किताब में इस्लाम जगत की कई हस्तियों के साथ जाकिर नाईक को नायक के रूप में पढ़ाया जा रहा है। अमर उजाला में इस बारे में प्रमुखता से खबर छपते ही स्कूल का संचालक चौकस हो गया। संचालक से खबर भेजने से पहले अमर उजाला के संवाददाता ने बात भी की थी। लेकिन रातों रात स्कूल से यह किताब गायब करा दी। मंगलवार सुबह स्कूल के बच्चों तक से किताबें ले ली गईं। बच्चों को पाठ पढ़ाया गया कि वह किसी को किताब के बारे में कुछ नहीं बताएंगे। स्कूल के संचालक ने मंगलवार अल सुबह से ही स्कूल में डेरा डाल दिया। स्कूल के स्टाफ और बच्चों को चौकस कर दिया गया। मंगलवार को बीएसए महेश चंद के निर्देश पर किरतपुर ब्लॉक के एबीएसए शिवकुमार टीम के साथ किताब की जांच करने के लिए स्कूल में गए तो उन्हें वहां कुछ नहीं मिला। कक्षा दो में 32 बच्चे पढ़ते मिले। टीम ने बच्चों से किताब के बारे में मालूम किया तो बच्चे किताब के बारे में बताने से हिचकितचाते रहे। बच्चों की बातों से टीम कों भी लगा कि बच्चे डरे हुए हैं। जांच टीम ने बच्चों की वीडियो भी बनाई। स्कूल के संचालक ने भी स्कूल में विवादित किताब पढ़ाने की बात से हाथ खडे़ कर दिए। एबीएसए शिवकुमार के मुताबिक फिलहाल स्कूल से कुछ नहीं मिला है। बच्चों की वीडियो बनाते वक्त एक शिक्षिका विरोध करना चाहती थी। पर जब उसे बताया गया कि सरकारी टीम जांच के लिए आई है, तब वह पीछे हटी। बीएसए महेश चंद के मुताबिक जांच के दौरान टीम को स्कूल में कुछ नहीं मिल पाया है।
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