बिजनौर में जिला एवं सत्र न्यायधीश सुभाष चंद ने एक 12 वर्षीय अबोध बालक की हत्या में सुरेंद्र को आजीवन कारावास व दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
थाना नांगलसोती के गांव हरचंदपुर निवासी राजकुमार के यहां उसके एक रिश्तेदार का पुत्र विजय रह रहा था। राजकुमार विजय का अपने बच्चे की तरह ही पालन कर रहा था। 14 अक्तूबर 2012 की सुबह विजय राजकुमार के बच्चों के साथ जंगल घूमने गया था।
करीब नौ बजे गांव के ही सुरेंद्र ने दरांती से विजय के चेहरे व गर्दन पर वार कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। घायल विजय को मेरठ रेफर किया गया था। 29 अक्तूबर 2012 को विजय की मेरठ में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। शासकीय अधिवक्ता श्यामस्वरूप शर्मा के अनुसार, कोर्ट ने सुरेंद्र को विजय की हत्या का दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।