बिजनौर में सर्व यूपी ग्रामीण बैंक की खासपुरा शाखा के उचन्त खाता (सस्पेंस अकाउंट) से रुपये निकाले जाने के मामले में शाखा प्रबंधक एनके सिंह पर गाज गिर गई है। शाखा प्रबंधक को सस्पेंड कर दिया है।
सर्व यूपी ग्रामीण बैंक के सस्पेंस अकाउंट से 11 सितंबर को एक करोड़ 39 लाख रुपये की राशि दूसरे खातों में ट्रांसफर की गई थी। 90 लाख रुपये मुजफ्फरनगर के चरथावल ब्रांच में खाताधारक अमित कुमार, आवास विकास कॉलोनी की ब्रांच में खाताधारक शाहनू कुमार के खाते में 25 लाख और शशांक कुमार के खाते में 24 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। शाहनू कुमार द्वारा काटे गए चेक से सिद्धार्थ कुमार ने दस लाख रुपये निकाल भी लिए थे। 14 सितंबर को मामला पकड़ में आने पर बैंक अधिकारियों के होश उड़ गए। बैंक अधिकारियों ने रुपये तो रिकवर कर लिए हैं। वहीं पुलिस जांच में रुपये ट्रांसफर करने के लिए बैंक का ही कंप्यूटर इस्तेमाल होने की बात सामने आ रही है। इस मामले में बैंक ने शाखा प्रबंधक एनके सिंह को लापरवाही का दोषी माना है। सूत्रों के मुताबिक बैंक के सभी ट्रांजक्शन का शाम को मिलान होता है। फिर भी बैंक के सस्पेंस अकाउंट से इतनी बड़ी रकम ट्रांसफर किए जाने पर प्रबंधक द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसकी गाज प्रबंधक पर गिर गई है। 14 सितंबर को एनके सिंह को क्षेत्रीय कार्यालय से अटैच किया गया था, लेकिन अब उनको सस्पेंड कर दिया गया है। बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक आशुतोष चोपड़ा के मुताबिक प्रबंधक को सस्पेंड कर दिया गया है। बैंक स्तर पर भी मामले की जांच की जा रही है।