िजनौर में जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष चंद ने अधिवक्ता कपिल विश्नोई हत्याकांड में तीन आरोपियों को आजीवन कारावास और 25-25 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है।
जजी के सामने स्थित यमुना हाउस में रहने वाले शरद विश्नोई ने रिपोर्ट में बताया था कि उनके भाई अधिवक्ता कपिल विश्नोई ने गांव मौजमपुर सुजान के रहने वाले कपिल कटार के विरुद्ध किसी मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कपिल बिजनौर में हुए सुनील ढाका हत्याकांड में अभियुक्त कपिल कटार के विरुद्ध पैरवी भी कर रहे थे। इस कारण कपिल कटार अधिवक्ता कपिल से नाराज था।
एक दिसंबर 2009 को दोपहर ढाई बजे जजी के सामने स्थित घर पर कपिल विश्नोई स्कूटर खड़ा कर रहे थे। कपिल कटार रजनीश व विनीत निवासी गांव वाजिदपुर और जितेंद्र उर्फ सेठी निवासी हमीदपुर के साथ वहां पहुंचा। उन लोगों ने कपिल पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं और फरार हो गए।
घायल कपिल को अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शासकीय अधिवक्ता हजूर मेहंदी जैदी के अनुसार, इस केस में पुलिस ने विनीत, रजनीश व जितेंद्र को हत्या में प्रयुक्त तमंचों के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस ने तीनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। कपिल कटार के फरार हो जाने के कारण उसके घर की कुर्की भी की गई थी।
कोर्ट ने तीनों अभियुक्तों रजनीश, विनीत व जितेंद्र उर्फ सेठी को कपिल की हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।