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बिजनौर के बजाए पहुंचा बालावाली

Fri, 22 Apr 2016 12:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
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चंदक में शातिर अपराधी विपिन को लेकर घूमते पुलिसकर्मी। - फोटो : अमर उजाला
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चंदक में पुलिसकर्मियों की लापरवाही से मुरादाबाद से बिजनौर जजी में पेशी पर लाया जा रहा अपराधी विपिन बिजनौर के बजाए बालावाली पहुंच गया। हत्या और लूट के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे विपिन को पुलिसकर्मी करीब एक किलोमीटर पैदल ही लेकर चंदक पहुंचे। विपिन उसी दुकानदार के सामने पहुंच गया जिसके छोटे भाई की हत्या व लूट के मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा मिली है। उसे देखकर हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर चंदक पुलिस चौकी से तीन और पुलिसकर्मियों की निगरानी में विपिन को जिला जजी लाया गया।
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किरतपुर थाने के गांव भरूका निवासी बदमाश विपिन ने दस मई 2012 को मंडावर क्षेत्र में व्यापारी सुशील कुमार से ढाई लाख रुपये लूटे थे और विरोध करने पर गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। विपिन ने रायपुर बेरीसाल निवासी एक युवक को भी गोली मारी थी व चंदक में एक पेट्रोल पंप पर लूट भी की थी। अदालत ने उसे कुख्यात अपराधी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

विपिन को मुरादाबाद जेल में शिफ्ट किया गया था। बृहस्पतिवार को किसी मामले में उसकी पेशी बिजनौर जजी में होनी थी। दो सिपाही उसे पेशी पर लाने के लिए मुरादाबाद से ट्रेन में सवार हुए। वे जिस ट्रेन में सवार हुए वह नजीबाबाद नहीं रुकती। सीधे सहारनपुर रुकती है। बालावाली में रेलवे ट्रैक पर मरम्मत कार्य चलने के दौरान ट्रेन यहां रुक गई। सिपाही  को मालूम चलने पर बालावाली उतरे और वहां से करीब एक किलोमीटर ही पैदल चंदक पहुंचे। चंदक में विपिन दिवंगत व्यापारी सुशील कुमार की दौलतपुर चौराहे के पास स्थित दुकान के सामने से भी निकला। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक भाई के कातिल को देखकर मृतक सुशील कुमार के बड़े भाई सुनील कुमार चौंक गया। सुनील कुमार ने थाने में सूचना दी। थाने से इसकी जानकारी चौकी को दी गई। चौकी से तीन सिपाही  मौके पर पहुंचे। उन्होंने मुरादाबाद पुलिस के दोनों सिपाहियों और विपिन को एक टाटा मैजिक में बैठाया और उनको बिजनौर जजी छोड़कर आए। 
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आंखों में मिर्च झोंक  हो गया था फरार
विपिन शातिर है। वह गैंग बनाकर अपराध करता था। विपिन बिजनौर जजी में पेशी के दौरान पुलिसकर्मी की आंख में मिर्च झोंक कर आसानी से फरार हो गया था। उसे कई महीने बाद एसओजी टीम ने दबोचा था। ऐसे शातिर अपराधी के साथ केवल दो सिपाही भेजना पुलिस विभाग की लापरवाही भी उजागर करता है।
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