हड़ताल के दौरान प्रदर्शन कर रहे स्टाफ को समझाते एसडीएम अनुज सिंह।
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बिजनौर में जिला अस्पताल में तीमारदार ने मामूली विवाद में स्टाफ नर्स की पिटाई कर दी। इसका विरोध करते हुए तीमारदार की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अस्पताल स्टाफ सुबह से ही काम बंद कर धरने पर बैठ गया। एसडीएम के आश्वासन पर अस्पताल स्टाफ ने दोपहर धरना समाप्त किया। अस्पताल स्टाफ के धरने पर बैठने से मरीज परेशान रहे। मरीज पक्ष भी स्टाफ नर्स पर कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए।
जिला अस्पताल में 23 अगस्त से डायरिया से पीड़ित व्यक्ति मेडिकल वार्ड में भर्ती था। मरीज एचआईवी से भी पीड़ित है। अस्पताल में तैनात स्टाफ नर्स लक्ष्मी शुक्रवार को उक्त मरीज को इंजेक्शन लगाने गई थी। नर्स ने तीमारदार से ट्राली पर रखा इंजेक्शन मांगा। इस पर तीमारदार ने यह कहकर मना कर दिया कि ये काम तुम्हारा है। तुम इस काम के पैसे लेती हो। इसी बात को लेकर तीमारदार गुस्से में आकर स्टाफ नर्स लक्ष्मी की पिटाई कर दी। शनिवार की सुबह चिकित्सक, फार्मेसिस्ट व स्टाफ तीमारदार पर कार्रवाई की मांग को लेकर अस्पताल परिसर में धरने पर बैठ गए। तीमारदार भी स्टाफ नर्स पर कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। धरने पर बैठे स्टाफ ने अस्पताल में सुरक्षा बढ़ाने और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। हंगामे की सूचना मिलते ही एसडीएम अनुज सिंह, सीओ असित श्रीवास्तव व तहसीलदार राजेश वर्मा पुलिस फोर्स के साथ अस्पताल पहुंचे। इसी दौरान तीमारदारों ने पुलिस-प्रशासन के सामने स्टाफ नर्स की पिटाई करने के लिए अस्पताल से बाहर खींचने लगे। वहां मौजूद अस्पताल स्टाफ ने विरोध करते हुए स्टाफ नर्स को तीमारदारों से छुड़ाया। एसडीएम ने आरोपी तीमारदार की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन देकर स्टाफ से करीब 12 बजे धरना समाप्त कराया। इस हंगामे के दौरान मरीज अस्पताल से गायब रहा। पुलिस ने तीमारदारों का भी धरना समाप्त करा दिया। स्टाफ नर्स ने मामले की तहरीर पुलिस को सौंप दी है।