नया गांव के विशाल हत्याकांड में आरोपी पेद्दा गांव के दूसरे समुदाय के सात लोगों के घर पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश के बाद उनके परिजनों ने गांव से पलायन की चेतावनी दी है। उन्होंने पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए अपने घरों पर ‘मकान बिकाऊ है’ लिख लिया है।
पिता संजय के साथ 10 फरवरी को कच्छपुरा गांव में सरकारी ट्यूबवैल बंद करने गए विशाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जबकि संजय को धारदार हथियार से हमला कर घायल कर दिया गया था। इसमें गांव पेददा के पूर्व प्रधान सईद इकबाल, नफीस, फुरकान, इफ्तेखार अकबर, शमीम, हनीफ व अनीस को नामजद किया गया था। पुलिस ने हनीफ को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने कुछ युवकों को पूछताछ के लिए उठाया तो संजय ने एसपी कार्यालय के बाहर जहर खा लिया था।
इसके बाद पुलिस ने युवकों को छोड़ दिया था। इस केस की विवेचना सीबीसीआईडी को दी गई थी। सीबाीसीआईडी ने हनीफ के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। बाकी आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए शहर कोतवाली पुलिस को पत्र लिखा। पुलिस ने बुधवार को पेद्दा गांव में आरोपियों के घरों पर ताबड़तोड़ दबिश दी। परिजनों का आरोप है कि उनके घरों में तोड़फोड़ भी की गई।
उन्होंने बृहस्पतिवार सुबह अपने मकानों पर लिखवा दिया, ‘मकान बिकाऊ है’। इसे लेकर गांव में हलचल मच गई। परिजन सवेरे से घरों के आगे बैठे हैं। उनका कहना है कि पुलिस के उत्पीड़न से तंग आकर वह गांव छोड़ रहे र्है। विशाल के परिजनों का कहना है कि आरोपियों ने पुलिस पर दबाव बनाने के लिए घरों पर बिकाऊ है लिखवाया है।
16 सितंबर 2016 को हुआ था दो समुदायों में संघर्ष
बिजनौर। 16 सितंबर 2016 को युवती से छेड़छाड़ को लेकर पेद्दा में दो संप्रदायों में जमकर पथराव और गोलीबारी हुई थी। गोली लगने से एक ही परिवार के अनीसुद्दीन, सरफराज व अहसान की मौत हो गई थी व 15 घायल हुए थे।
गांव के ही हनीफ ने संसार सिंह, उसके बेटे नितिन, राजू, पप्पन, नरेश, टीकम सिंह, उसके पुत्र तेजपाल, कोमन, पंकज, अनुज, सतीश, मलखान, प्रेम, बिल्लू, रिंकू, सोनू, कक्कू, ओमपाल, राजपाल, अनिल कुमार, मनोज, टीशु, आकाश निवासी पेद्दा, कछपुरा के प्रधान दिलावर सिंह, उसके पुत्र बिट्टन, नयागांव निवासी कुंवर सेन, बिल्लू व गांव के दो होमगार्डों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच में युवा भाजपा नेता ऐश्वर्य चौधरी, व्यवसायी अरुण कबाड़ी, फरीदपुरभोगी के कार्तिक के नाम बढ़ाए थे। पेद्दा कांड के सभी आरोपी सलाखों के पीछे हैं।
पेद्दा में घरों पर ‘मकान बिकाऊ है’ लिखा होने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। पुलिस पर दबाव बनाने के लिए आरोपियों के परिजनों ने ऐसा किया होगा। पुलिस ने नामजद आरोपियों की तलाश में केवल दबिश दी थी।
- अतुल शर्मा, एसपी।