बिजनौर में सात दिन से अगवा छात्र वासु की बरामदगी के लिए बिजनौर पुलिस ने हरिद्वार व शामली में डेरा डाल दिया है। यहां से पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले हैं।
शहर में ई-रिक्शा से स्कूल से लौटते हुए वासु को एक व्यक्ति बाइक पर अपने साथ ले गया था। वासु बाइक सवार व्यक्ति को मामा कह रहा था। वासु द्वारा बाइक सवार को मामा कहने पर रिक्शा वाले को भी उस पर कुछ शक नहीं हुआ था। हालांकि इसके बाद से वासु का कुछ पता नहीं है। वासु के पिता सुनील कुमार एक निजी चिकित्सक के यहां कंपाउंडर हैं।
वासु की बरामदगी न होने पर परिजनों ने मंगलवार को तहसील दिवस में धरना दिया था। वासु के मामले में अब पुलिस और गहनता से जांच में जुट गई है। पुलिस ने वासु की तलाश में धरती आसमान एक कर दिया है। पुलिस छोटे छोटे मामलों को भी वासु के अपहरण से जोड़कर देख रही है। हालांकि अभी तक जांच में कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है।
पुलिस की टीमों ने वासु की बरामदगी के लिए हरिद्वार और शामली में डेरा डाला है। पुलिस सूत्रों के अनुसार यहां पर वासु केस से जुड़ी कुछ जानकारी मिली है। सीओ सिटी रामानंद कुशवाहा के अनुसार पुलिस वासु की तलाश में गहनता से जुटी है। वासु को जल्दी बरामद करने की पूरी कोशिश की जा रही है।
वासु को करें सकुशल बरामद
बिजनौर में बैटरी रिक्शा चालक एसोसिएशन ने लापता छात्र वासु के मामले में उसके रिक्शा चालक महबूब को निर्दोष बताया है। डीएम व एसपी को प्रेषित ज्ञापन में उन्होंने प्रशासन को पूर्ण: सहयोग का आश्वासन देते हुए वासु को सकुशल बरामद कराने की मांग की है। वहीं थाना चांदपुर के मोहल्ला मुफ्ती सराय निवासी वसीम अहमद ने एसपी कार्यालय में दिए पत्र में बताया कि उसकी बहन शाहजहां की शादी गांव शहबाजपुर निवासी शाहिद से सात साल पहले हुई थी। संतान न होने पर शाहजहां को उसके ससुराल वाले पीटते थे और तलाक लेने का दबाव डालते थे। वसीम के अनुसार ईद पर वह शाहजहां से मिलने गया तो ससुरालवालों ने मिलने नहीं दिया। वसीम ने उसकी बहन की हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।