अंबाला सिटी। पहले तो 219 शिक्षकों और अन्य विभागीय कर्मचारियों ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से लगाई गई बोर्ड परीक्षाओं के दौरान अपनी ड्यूटी नहीं दी और इस पर जब हरियाणा शिक्षा विभाग ने उनसे गैरहाजिर होने पर स्पष्टीकरण मांगा तो विभाग को अपना स्पष्टीकरण भी नहीं दिया। विभाग इन शिक्षकों से पिछले करीबन दो साल से स्पष्टीकरण मांग रहा है, लेकिन शिक्षक और उनके स्कूल मुखिया इस बात की परवाह ही नहीं कर रहे हैं।
नतीजतन अब विभाग ने इन शिक्षकों को अपनी सफाई देने का आखिरी मौका दिया है और इस बार भी यदि इन शिक्षकों ने स्पष्टीकरण देने में उदासीनता दिखाई तो इन शिक्षकों को अंडर सेक्शन आठ के तहत चार्जशीट करने के भी आदेश जारी कर दिए गए हैं। इनमें सरकारी और एडिड स्कूल के शिक्षक शामिल हैं, जिनकी परीक्षाओं में सुपरवाइजरों की ड्यूटियां लगाई गई थी।
--------
बड़ी थी जिम्मेवारी, लेकिन बरती लापरवाही
उल्लेखनीय है कि जिन शिक्षकों पर चार्जशीट की तलवार लटक रही है, उन्हें हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने बड़ी जिम्मेवारी सौंपी थी। इन शिक्षकों को जिले में बोर्ड परीक्षाओं के दौरान बतौर सुपरवाइजर लगाया गया था। यानी इन शिक्षकों को बोर्ड परीक्षाओं में परीक्षा को पूरी निष्पक्षता, नकल रहित और शांतिप्रिय माहौल में संपन्न करवानी थी। लेकिन परीक्षा ड्यूटी देना तो दूर ये शिक्षा विभाग को बिना सूचना दिए अपनी-अपनी ड्यूटियों से ही नदारद रहे। इन शिक्षकों में सरकारी स्कूलों के अतिरिक्त जिले के एडिड स्कूलों के शिक्षक भी थे। ये शिक्षक क्यों ड्यूटी पर नहीं आए? क्यों इन शिक्षकों ने विभाग को सूचना नहीं दी? इस बारे में शिक्षा विभाग अनभिज्ञ बना रहा और विभाग ने इन शिक्षकों को स्पष्टीकरण नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि इन सभी शिक्षक कर्मचारियों की उक्त ड्यूटियां मार्च 2014 और सितंबर 2014 की बोर्ड परीक्षाओं में लगी थी।
---------
अब सात दिन में जवाब दो, वरना चार्जशीट
वर्ष 2014 का मामला अभी वर्ष 2016 तक लटका पड़ा है। इसी को देखते हुए मौलिक शिक्षा विभाग हरियाणा के निदेशक अंबाला, पंचकूला और कैथल के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर उन्हें निर्देश दिए हैं कि ड्यूटी न देने और इस पर अभी तक अपना स्पष्टीकरण भी न देने वाले शिक्षकों को तुरंत चार्जशीट कर संबंधित रिपोर्ट निदेशालय में भेज दी। इसी पर कार्रवाई करते हुए अब जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने अंबाला के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों संबंधित सरकारी व एडिड स्कूलों के प्राचार्यों को निर्देश दिए व सभी 219 शिक्षक कर्मचारियों की सूचित भेजकर उन्हें स्पष्ट कहा है कि सात दिन के भीतर यदि ये 219 शिक्षक कर्मचारी अपना स्पष्टीकरण देते हैं तो जिला मौलिक शिक्षा विभाग में पहुंचा दें, अन्यथा इन सभी को अंडर सेक्शन आठ के तहत चार्जशीट कर उनकी रिपोर्ट निदेशालय में भेज दी जाएगी।
---------
रिटायर्ड प्राचार्य बोले, शिक्षक समझें जिम्मेवारी, छात्र क्या सीखेंगे?
इस मसले पर सीनियर रिटायर्ड प्राचार्य लवकुमार बंसल कहते हैं कि ये बड़ी गंभीर बात है कि मार्च और सितंबर 2014 की बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी में गैरहाजिर रहने वाले सुपरवाइजरों ने अपना स्पष्टीकरण ही नहीं दिया है। उनके अनुसार मेरा मानना है कि इनमें से कई शिक्षकों के गैरहाजिर होने की वजह बिल्कुल वाजिब होगी, लेकिन उनके स्कूलों के मुखिया व संबंधित स्टाफ ने इस बाबत शिक्षा विभाग से बोर्ड ड्यूटी में तैनात संबंधित कर्मचारियों से उस समय अपने कर्मचारियों के गैर हाजिर होने की न तो सूचना दी होगी और न ही बाद में कोर्डिनेट किया होगा। उसके बाद भी जब विभाग की ओर से समय-समय पर स्पष्टीकरण भिजवाए जाने के निर्देश आ रहे हैं, तो संबंधित स्कूलों के मुखिया इसमें गंभीरता क्यों नहीं दिखा रहे हैं। संबंधित शिक्षक भी अपना स्पष्टीकरण देने में कोताही क्यों बरत रहे हैं। उनके अनुसार जब शिक्षक वर्ग ही ऐसी अनुशानहीनता करेगा, तो छात्र क्या सीखेंगे? ये बहुत गंभीर बात है, संबंधित स्कूलों के मुखिया को इस पर गंभीरता दिखानी होगी। वरना गैर हाजिर रहने वाले शिक्षक चार्जशीट हो जाएंगे।
---
मुझे हैरानी है कि इतना समय बीत जाने के बाद भी गैरहाजिर स्टाफ अपना स्पष्टीकरण नहीं दे रहे हैं। वे अब विभाग के आदेशों की अवहेलना भी कर रहे हैं। ये गंभीर बात हैं, इसलिए उनके पास आखिरी मौका है, या तो गैर हाजिरी पर अपना पुख्ता जवाब दे दें या फिर चार्जशीट की कार्रवाई के लिए तैयार रहें। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी इस मसले को देख रहे हैं।
-उमा शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी, अंबाला
---
विभाग बार-बार खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से स्कूलों में निर्देश भेजकर गैर हाजिर स्टाफ का स्पष्टीकरण मंगवा रहा है, लेकिन आश्चर्य की बात है कि विभाग के आदेशों को स्कूल मुखिया और गैर हाजिर स्टाफ हल्के में ले रहे हैं। अब उनके पास अंतिम सात दिन का वक्त है, उसके बाद गैर हाजिर स्टाफ को चार्जशीट कर सूचना निदेशालय में भेज दी जाएगी।
-धर्मवीर कादियान, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, अंबाला