बिजनौर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव हीमपुरदीपा में एक झोलाछाप महिला चिकित्सक के क्लीनिक पर छापामारी की। जांच में पता चला कि महिला पूर्व में आशा रह चुकी है और अपनी पति की डिग्री के नाम पर खोले गए क्लीनिक में प्रैक्टिस कर रही है। वह न केवल एलोपैथिक दवाइयां ही मरीजों को दे रही थी, बल्कि मरीजों को इंजेक्शन व ड्रिप भी लगा रही थी।
डा.प्रमोद देशवाल के मुताबिक गांव गांगूनंगला निवासी दिनेश कुमार ने नैचुरोपैथी का कोर्स किया है। यह कोर्स करने वाले को स्टीम बाथ, मसाज, योग आदि कराने का ही अधिकार होता है। हालांकि इस तरीके से कुछ भी उपकरण वहां पर नहीं मिले। दिनेश कुमार के गांव हीमपुरदीपा में खुले क्लीनिक पर उसकी पत्नी व पूर्व आशा अंजू देवी चिकित्सकों का उपचार कर रही थी। वह वहां पर आने वाली जच्चा-बच्चा का भी वह उपचार कर रही थी। इसकी शिकायत गांव वालों ने प्रशासनिक अधिकारियों से की थी।
जांच में दिनेश कुमार की पत्नी अंजू देवी मरीजों को इंजेक्शन व ड्रिप लगाती तथा एलोपैथिक दवाई देती मिलीं। उसने बताया कि वह ग्वालियर से जीएनएम का कोर्स कर रही हैं। यह कोर्स करने वाले भी एमबीबीएस चिकित्सक के अंडर में ही प्रैक्टिस कर सकते हैं। डा.प्रमोद कुमार के अनुसार झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। आरोपी महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। दिनेश कुमार ने बताया कि वह घर से बाहर है। उनको इस मामले में कोई जानकारी नही है।