फूड प्वाइजनिंग का शिकार लोगों से जानकारी लेते एसडीएम, सीओ।
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धामपुर में विषाक्त भोजन खाने से एक परिवार के पांच लोगों की हालत बिगड़ गई। सभी को सीएचसी में भर्ती कराया गया। चिकित्सक के अनुसार सभी पीड़ितों की हालत खतरे से बाहर है।
गांव हुसैनपुर निवासी अमित कुमार गहलोत पुत्र सूरज सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार रात उसकी पत्नी मधु ने चावल बनाए थे। नगीना चौराहा स्थित एक दुकान से उसने दही के दो पैकेट खरीदकर पत्नी को दिया था। रोजाना की तरह अमित की पत्नी मधु, साली सुजाता, साला सिद्धार्थ, दोनों पुत्र कान्हा व मनु ने एक साथ बैठकर दही से तहरी खाई, जबकि उसने स्वयं दाल और रोटी खाई थी। भोजन लेने के बाद सभी लोग सो गए। सुबह छह उठकर सभी को उठने के लिए आवाज दी तो किसी ने भी जवाब नहीं दिया। जब हिला ढुलाकर देखा तो सभी अचेत अवस्था में पाए गए। यह देखकर होश उड़ गए। बताया कि उन्होंने अपने छोटे भाई अक्षय कुमार को आवाज दी।
अन्य घर के सदस्य कमरे में पहुंचे। शीघ्र निजी चिकित्सक को बुलाया गया। चिकित्सक ने सभी की हालत चिंताजनक बताते हुए सरकारी अस्पताल ले जाने की सलाह दी। अमित ने बताया कि उन्होंने तुरंत ही 108 एंबुलेंस को फोन किया। सभी सदस्यों को बेहोशी की हालत में अस्पताल पहुंचाया। सीएचसी प्रभारी डा. ओपी यादव तथा उनके अधीनस्थ चिकित्सकों ने सभी का उपचार शुरू कर दिया। वहीं सूचना पाकर एसडीएम वीके सिंह व सीओ हरिमोहन भी अस्पताल पहुंचकर पीड़ितों का हालचाल जाना। चिकित्सकों से बेहतर उपचार दिलाने के निर्देश दिए। उधर, सीएचसी प्रभारी डा. ओपी यादव ने बताया कि सभी पीड़ितों की हालत खतरे से बाहर हैं। सभी की हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।
खाद्य विभाग की टीम ने गांव में जाकर सैंपल लिए
घटना की सूचना मिलने पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम गांव में पहुंची। खाद्य सुरक्षा अधिकारी रामवीर सिंह ने बताया कि उनकी टीम ने गांव में जाकर पके चावल, कच्चे चावल, बनी दही के सैंपल लिए। टीम ने उस दुकान पर जाकर भी दही के सैंपल लिए हैं, जहां से अमित से दही खरीदी थी। सभी नमूनों को जांच के लिए भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही पता लगेगा कि संबंधित परिवार के सदस्यों को खाने में किस चीज से प्वाइजनिंग हुई है।