बिजनौर में कलक्ट्रेट सभागार में किसान दिवस पर अपनी बात रखते किसान।
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बिजनौर में किसान दिवस में चकबंदी व बिजली को लेकर खूब बवाल हुआ। झालू में चकबंदी को लेकर अधिकारियों को जमकर खरीखोटी सुनाई गई। आरोप लगाया कि किसान दिवस में कागजी खानापूर्ती होती है। अधिकारी डीएम के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं। तारीख दर तारीख शिकायतों को टाला जा रहा है। किसान शोर मचाकर कह रहे थे कि अब किसान अपने हक के लिए मारेगा या मरेगा।
किसान दिवस में चकबंदी का मामला पूरी तरह छाया रहा। झालू के प्रमोद कुमार ने कहा कि झालू में चकबंदी वर्ष 1989 में शुरू हुई थी। समस्त प्रक्रिया पूरी हो गई है। वर्ष 2017 से रिकार्ड बंटने की प्रक्रिया शुरू हुई। करीब डेढ़ साल बाद भी पूरी नहीं हुई है। किसान परेशान हैं। आरोप लगाया कि कर्मचारी पैसा वसूली में लगे है। किसानों में चकबंदी को लेकर इतना गुस्सा था कि वे शोर मचाकर कह रहे थे कि या तो चकबंदी विभाग को सुधरवा दो वरना या तो मर जाएंगे या मार देंगे। जिला अध्यक्ष दिगंबर सिंह ने कहा कि अधिकारी गलतफहमी निकाल दें। अब अशोक प्रकरण दुबारा नहीं होगा।
किसान दिवस में मौजूद बिजली अधिकारियों को खरीखोटी सुनाते हुए आरोप लगाया कि अधिकारी कर्मचारियों के माध्यम से पैसा बटोरने में लगे हंै। विजयपाल सिंह ने सेना के जवान की पत्नी से कनेक्शन देने के नाम पर उन्नीस हजार रुपये मांगने का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी। देश की रक्षा करने वाले जवान के साथ ऐसे बर्ताव को लेकर किसानों ने शर्म करो, शर्म करो के नारे लगाए। अफजलगढ़ क्षेत्र के एक किसान ने बिजली अधिकारियों को खूब खरी खोटी सुनाई। बिजली अधिकारी चुप्पी साधे रहे। उसका आरोप था कि कागजों में कनेक्शन कट रहे हैं। मौके पर कोई नहीं जाता है। आरोप लगाया कि कनेक्शन जोड़ने के नाम पर पैसा लेते हें। पूनम देवी का किसान दुर्घटना बीमा का मामला उठा।
सुनील प्रधान ने बिलाई शुगर मिल द्वारा किसानों को गन्ना मूल्य भुगतान में देरी का मामला उठाया। आरोप लगाया कि डीसीओ भुगतान को लेकर केवल बहकाने वाली बात करते हैं। यह भी आरोप लगा कि गन्ना अधिकारी मिल से हमसाज है। भाकियू जिला अध्यक्ष ने अधिकारियों को चेताया कि गन्ना समस्या जिले में अशांति का कारण बन सकती है। हल्दौर के किसानों अनिल सिंह, भूपेंद्र सिंह, सुरेंद्रपाल आदि ने आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली किसानों के दबाव में चकबंदी में ठिएबंदी नहीं कराई जा रही है। एडीएम प्रशासन विनोद कुमार ने माना कि निचले स्तर पर कही न कही कुछ गड़बड़ी है। रामअवतार सिंह, होशियार सिंह, अतुल कुमार आदि रहे।
आरटीआई से होगा अधिकारियों पर हमला
बिजनौर में भाकियू के जिला अध्यक्ष दिगंबर सिंह ने आरोप लगाया कि अधिकरी फूट डालो व राज करो कि नीति पर चल रहा है। किसानों को गुटों में बांटा जा रहा है। आरटीआई से अब अधिकारियों की धांधलेबाजी का खुलासा होगा। अशोक प्रकरण में आरटीआई लगा दी गई है। चकबंदी अधिकारियों की संपत्ति का विवरण लेने के लिए वह आरटीआई लगा रहे हैं। अगली रणनीति 21 अप्रैल की बैठक में तय होगी। खेतों में खड़ा गन्ना डालना व गेहूं काटना किसान की प्राथमिकता है। इसके बाद किसान मुद्दों पर प्रशासन से आरपार की लड़ाई होगी।