बिजनौर के नया गांव में मंगलवार रात खेत की सिंचाई करने गए किसान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। किसान का एक व्यक्ति से क्लेम के रुपये मांगने पर विवाद चल रहा था। घटना की रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। पुलिस ने दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के नया गांव निवासी 48 वर्षीय सत्यप्रकाश मंगलवार रात करीब साढ़े बारह बजे खेत की सिंचाई करने के लिए गया था। उसका बेटा ऋतिक पहले से ही खेत पर मौजूद था। सत्यप्रकाश जैसे ही नलकूप पर पहुंचे तो घात लगाए बैठे हमलावरों ने उसे गोली मार दी। गोली कमर को चीरती हुई बाहर निकल गई। मौके पर ही सत्यप्रकाश ने दम तोड़ दिया। गोली की आवाज सुनकर ऋतिक दौड़ कर पिता के पास आया तो उसे तीन लोग भागते दिखाई दिए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल की। ऋतिक ने पुलिस को बताया कि उसने कोतवाली देहात थाने के गांव फतेहपुर आसन निवासी आलोक को मौके से भागते देखा है। बाकी दो लोगों को वह नहीं पहचान पाया। आलोक ने ही उसके पिता की हत्या की है। इस दौरान पूर्व प्रधान रामबहार भी जंगल में आ गए। उन्होंने भी आलोक और गांव के राजेश समेत तीन लोगों को भागते हुए देखा है।
आरोपियों से बीमे की रकम को लेकर चल रहा है विवाद
शहर कोतवाल बिजेंद्र पाल राणा के मुताबिक सत्यप्रकाश के एक भाई अशोक की 2014 में कैंसर से मौत हो गई थी। आलोक और राजेश ने मिलकर बीमे के क्लेम के अशोक पत्नी बीना को पांच लाख 40 हजार रुपये दिलाए थे। बीना से दो ब्लैंक चेक आलोक ने ले लिए और बीना के खाते से पांच लाख 40 हजार रुपये निकाल लिए। सत्यप्रकाश उससेे रुपये वापस मांग रहा था। जबकि आलोक रुपये नहीं दे रहा था। आलोक कहता था कि उसने दो लाख 40 हजार रुपये बीना को देने के लिए राजेश को दे दिए थे। राजेश ने बीना को रुपये दिए या नहीं यह उसे नहीं मालूम। सत्यप्रकाश इसके बाद भी बाकी तीन लाख रुपये लेने के लिए आलोक पर तगादा कर रहा था। पुलिस ने आलोक और राजेश को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। सत्यप्रकाश के भाई रामबहार ने आलोक समेत तीन लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई हैं।
आलोक ने सत्यप्रकाश को दी थी जान से मारने की धमकी
सत्यप्रकाश के तीन लाख रुपये वापस मांगने पर आलोक ने पास के गांव के लोगों के सामने सत्यप्रकाश की हत्या कराने की धमकी दी थी। कहा था कि 50 हजार रुपये देकर वह सत्यप्रकाश की हत्या करा देगा। यह बात सत्यप्रकाश को बता दी गई। सत्यप्रकाश ने इस धमकी को हल्के में लिया और परिवार में केवल अपनी पत्नी को बताया। धमकी मिलने के बाद भी सत्यप्रकाश ने चौकसी नहीं बरती। वह बेखौफ होकर जंगल आता जाता रहा। पुलिस के मुताबिक सत्यप्रकाश का परिवार फेरी लगाकर गुजर बसर करता है। आलोक को छोड़कर किसी अन्य से उनका गांव में कोई विवाद नहीं है।