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अधेड़ को पीटकर मार डाला

Fri, 08 Jul 2016 11:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
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धामपुर में गांव परमावाला में जमीन के विवाद में हुए संघर्ष में अधेड़ की चार लोगों ने लाठी-डंडों से पिटाई कर मौत के घाट उतार डाला। मृतक की पत्नी ने इस मामले में चार लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने हत्या के आरोप में नामजद दो आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है। फरार दो की गिरफ्तार के लिए दबिश जारी है। घटना से  मृतक के परिवार में कोहराम मचा है।
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गांव निवासी सविता देवी ने पुलिस में दर्ज रिपोर्ट में बताया कि उनकी गांव के नंदलाल से जमीन को लेकर रंजिश चली आ रही है। इस बात को लेकर शुक्रवार की सुबह झगड़ा हो गया। आरोप है कि मामला इतना बढ़ा कि नंदलाल ने अपने परिवार के घनश्याम, केशव और ईश्वर को साथ लेकर उनके घर पर चढ़ाई कर दी। आरोपियों ने उसके 55 वर्षीय पति सुरेंद्र सिंह पर लाठी-डंडों से हमला किया। जमीन पर गिराकर पेट पर ईंटों से प्रहार किया। विरोध करने पर हमलावरों ने उसे व उनकी पुत्री से भी मारपीट की। मां-बेटी को भी चोट आई हैं। पति की हालत खराब हो जाने पर ग्रामीणों की मदद से सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। वहां पर उपचार के दौरान सुरेंद्र सिंह की मौत हो गई। इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया। कोतवाल अजय भदौरिया ने बताया कि नामजद आरोपियों में से पुलिस ने नंदलाल व केशव को गिरफ्तार कर लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। नामजद दो फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। 

सीएचसी में महिला की मौत, परिवार में कोहराम मचा
धामपुर में  मुहल्ला बाड़वान निवासी मिथलेश पत्नी बृजमोहन प्रजापति करीब चार दिन से बुखार से पीड़ित थे। दो दिन से वह सीएचसी में उपचार करा रही थी। जब शुक्रवार को आराम नहीं मिला तो उसे सीएचसी में भर्ती कर लिया गया। चिकित्सक राकेश बंसल ने महिला को भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया। चिकित्सक ने कुछ दवाएं लेने महिला के पति को बाजार भेज दिया। महिला के पति ने बाजार से दवाएं लाकर दे दी। कुछ दवाओं के साथ ग्लूकोज महिला को दिया गया। आरोप है कि आधा घंटे बाद ही महिला के मुंह से झाग आने लगे। कुछ देर बाद ही महिला ने तड़पकर दम तोड़ दिया। घटना से परिजन आगबबूला हो गए। गुस्साए परिजनों ने सीएचसी पर हंगामा खड़ा कर दिया। महिला के परिजनों का आरोप है कि जब सीएचसी में इंजेक्शन उपलब्ध नहीं थे तो चिकित्सक ने मरीज को बाहर रेफर क्यों नहीं किया। परिजनों के हंगामे को देख चिकित्सक सीएचसी से भाग निकले। हंगामे की सूचना पर सीएचसी पहुंची पुलिस ने परिजनों को आरोपी चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। हालांकि परिजन चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई के लिए अड़े थे। पुलिस शव को पोस्टमार्टम  के लिए भेजने की कोशिश में लगी थी। मृतका अपने पीछे तीन बेटे आशीष (16), अभिजीत (12), आर्यन (8) वर्ष छोड़ गई। बच्चों का बिलखकर बुरा हाल हो रहा है। सीएचसी में लंबे समय तक शव रहने के बाद परिजन बिना कार्रवाई कराए शव को अपनी सुपुर्दगी में साथ ले गए। वहीं सीएचसी  प्रभारी डा. ओपी यादव का कहना है कि महिला की मौत बुखार के साथ संक्रमण बढ़ने की वजह  से हुई है। महिला  बीमार थी। उपचार में कोई कोताही नहीं बरती गई  है। परिजनों के आरोप निराधार हैं। उच्चाधिकारियों के आदेश पर जांच कर कार्रवाई होगी।
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