बिजनौर में मंगलामुखी द्वारा दी गई मिठाई खाने से दो सगी बहनों की मौत हो गई, जबकि तीसरी बहन व भाभी का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। दो मंगलामुखियों के बीच क्षेत्र के बंटवारे के विवाद में घटना होने की बात सामने आ रही है। इस मामले में समझौता होने के बाद एक मंगलामुखी दूसरे को मिठाई दी थी, जिसे खाकर उसके परिवार की तीन लड़कियों और बहू की हालत बिगड़ गई। आरोप है कि मिठाई में जहर मिलाकर दिया गया था। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर दो मंगलामुखियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मरने वाली बहने गुलफ्ता (18) और रिजवाना (20) पुत्री अतीक मोहल्ला अहमद खैल कस्बा किरतपुर बिजनौर की रहने वाली थी। अतीक की तीसरी पुत्री अफसा (16) और पुत्रवधू शहाना पत्नी वकील की हालत गंभीर बनी हुई है। अतीक का भाई लियाकत मंगलामुखी हैै और नगीना में रहता है। उसका एक अन्य मंगलामुखी शबनम के साथ काफी समय से क्षेत्र के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। कुछ दिन पहले दोनों के बीच समझौता हो गया था। शबनम ने लियाकत को एक मिठाई का डिब्बा दिया था, जिसे लियाकत ने अपने भतीजे वकील को दे दिया था। शनिवार रात अतीक की पुत्रियों और पुत्र वधू ने उस मिठाई को खा लिया गया। मिठाई खाते ही इन्हें पेट में दर्द, उल्टी और दस्त होने शुरू हो गए। गुलफ्ता ने थोड़ी देर बाद ही दम तोड़ दिया। परिवारीजन अन्य तीनों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। रिजवाना की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने मेरठ मेडिकल कालेज के लिए रेफर कर दिया, जहां उपचार के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया।
लियाकत ने मंगलामुखी शबनम और उसके साथियों के खिलाफ मिठाई में जहर देकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने शबनम और उसकी एक साथी राजकुमारी को गिरफ्तार कर लिया है। किरतपुर थाना प्रभारी निरीक्षक मुकेश कुमार ने बताया कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे मंगलामुखी के दो गुटों के बीच विवाद होने की बात सामने आ रही है।
मिठाई से लियाकत को मारना चाहती थी शबनम
बिजनौर में मंगलामुखी शबनम ने जिले के बाकी मंगलामुखी की नींद हराम कर रखी है। शबनम दूसरे मंगलामुखी के इलाकों से भी उगाही करने के लिए बदनाम है। कई बार मंगलामुखी के दो गुटों के बीच खूनी विवाद भी हो चुका है। अतीक के परिजनों द्वारा खाई मिठाई शबनम ने दस दिन पहले लियाकत को दी थी। लियाकत मिठाई फ्रिज में रखकर देहरादून चला गया था।
बढ़ापुर के मंगलामुखी शबनम की जिले के अन्य मंगलामुखी से जंग किसी से छिपी नहीं है। मंगलामुखी के दोनों गुटों में उगाही को लेकर कई बार विवाद हो चुका है। नगीना में रहने वाले मंगलामुखी हाजी लियाकत से भी शबनम की उगाही को लेकर रंजिश चल रही थी। कुछ दिन पहले ही दोनों के बीच समझौता हुआ था। लियाकत को क्या मालूम था कि यह समझौता उसके परिवार पर भारी पड़ेगा। लियाकत के भाई अतीक की मौत हो चुकी है। अतीक के परिवार के पालन पोषण की जिम्मेदारी मंगलामुखी लियाकत पर है। किरतपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक मुकेश कुमार के मुताबिक समझौते के बाद दस दिन पहले मंगलामुखी शबनम ने लियाकत को एक मिठाई का डिब्बा दिया था। लियाकत फ्रिज में मिठाई का डिब्बा रखकर देहरादून चला गया। शनिवार को वह देहरादून से वापस आया तो उसने अपने भतीजे वकील को नगीना बुलाया। मिठाई का डिब्बा व कुछ कपड़े घर ले जाने के लिए वकील को दिए। लियाकत की भेजी मिठाई परिजनों ने खुशी-खुशी खा ली। थोड़ी देर में ही परिजनों की हालत खराब हो गई। दो भतीजी की मौत से लियाकत का रो-रोकर बुरा हाल हैं। वह मिठाई भेजने के लिए अपने को कोस रहा है।
जहर देकर हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज
लियाकत ने बढापुर के मंगलामुखी शबनम व उसके पांच साथियों के खिलाफ मिठाई में जहर देकर हत्या करने की किरतपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप लगाया है कि शबनम ने जो मिठाई उसे दी थी उसमें जहर मिला था। जहर की वजह से उसकी दो भतीजी की मौत हुई है, जबकि एक भतीजी व भतीजे की पत्नी की हालत गंभीर है।