फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दाऊद का गढ़ रहा है नजीबाबाद इलाका

Sat, 22 Aug 2015 12:14 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिजनौर
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर। बिजनौर जिले का नजीबाबाद इलाका लंबे अरसे से अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहीम का गढ़ रहा है। नजीबाबाद क्षेत्र में दाऊद इब्राहीम के गुर्गे पनपते रहे हैं।
विज्ञापन


ये गुर्गे मुंबई व अन्य इलाकों से हथियार लाकर नजीबाबाद क्षेत्र में छिपाते रहे हैं। दाऊद का गुर्गा सलीम कुत्ता व उसका भाई कई साल पहले पकड़े भी गए थे। तब भी नजीबाबाद क्षेत्र से कई एके 47 व अन्य हथियार बरामद हुए थे।
 अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद  इब्राहीम व उसके भाई छोटा शकील की जड़ें मुंबई तक ही मजबूत नहीं रहीं। देश के कोने-कोने में इनके गुर्गे काम कर रहे हैं। बिजनौर जिले  का नजीबाबाद क्षेत्र तो दाऊद का गढ़ कहलाने लगा था। यहां दाऊद के कई गुर्गे पनपते रहे हैं। मुंबई व गुजरात में कारोबार करने के नाम पर जाने वाले लोग दाऊद के  गैंग से जुड़ते  गए। ये ही वजह रही कि दाऊद व छोटा शकील से दुश्मनी बढ़ने के बाद  दूसरे डॉन छोटा राजन ने भी वेस्ट यूपी में अपने गुर्गे तैयार करने शुरू कर दिये थे।
विज्ञापन


कहा जाता है कि कई साल पहले विदेश में छोटा राजन पर छोटा शकील की ओर से कराए हमले में छोटा राजन की जान बचाने में बिजनौर जिले के दो शूटरों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। गुजरात की एटीएस ने तीन दिन पहले नजीबाबाद के कमालपुर उर्फ खाईखेड़ी में छापा मारकर इश्तयाक अंसारी को दबोचा और अपने साथ ले गई । इश्तियाक गुजरात के पोरबंदर जिले के गोसाबारा तट पर आरडीएक्स और हथियार उतारने का आरोपी है।


 इससे पूर्व नजीबाबाद क्षेत्र के गांव कल्हेडी निवासी सलीम कुत्ता व उसके भाई नदीम को भी दबोचा गया था। दोनों ने नजीबाबाद क्षेत्र में जलालाबाद निवासी अय्यूब टकला व अब्दुल कलाम को भी पकड़वाया था। सलीम कुत्ता व उसके भाई नदीम की निशानदेही पर नजीबाबाद क्षेत्र में छिपी तीन एके 47, 1771 कारतूस व अन्य हथियार बरामद हुए थे। इश्तयाक का भाई इफ्तखार भी तब पकड़ा गया था। जमानत पर आने के बाद इफ्तखार अब नजीबाबाद में ही काम कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक गुजरात में 30- 35 लोगों के खिलाफ हथियारों की तस्करी की दर्ज हुई रिपेार्ट में बिजनौर के ये लोग भी शामिल थे।

इश्तियाक को छोड़कर बाकी सब पकड़े जा चुके थे। इश्तियाक नजीबाबाद इलाके में छिपा था। उसकी ससुराल किरतपुर की है। वहां भी वह छिपा रहता था। नजीबाबाद कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक सतवीर सिंह ने दो दिन पहले गुजरात पुलिस के इश्तियाक को पकड़ कर ले जाने की पुष्टि की है।

आतंकियों का पनाहगार रहा बिजनौर
 बिजनौर जिला आतंकियों का पनाहगार बना रहा है। यहां आतंकी  पहले ही छिपते आए हैं। खंडवा जेल से फरार सिमी संगठन के छह  आतंकी बिजनौर के मोहल्ला जाटान व भाटान में पनाह लिए थे। 12 सितंबर 2014 को जाटान के मकान में बम बनाते समय विस्फोट होने से ये आतंकी अपने झुलसे साथी महबूब को लेकर फरार हो गए थे।

 गैंग का सरगना एजाजुद्दीन व असलम पिछले दिनों तेलंगाना राज्य में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मारे भी जा चुके हैं। बाकी आतंकियों का कुछ अता पता नहीं चला। इन आतंकिेयों ने वेस्ट यूपी में अपनी जड़ें मजबूत कर ली थीं। आतंकियों की मददगार हुस्ना, रईस उसका पुत्र अब्दुल्ला, हुस्ना का भाई नदीम व फुरकान पकड़े भी गए थे।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें