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सेंट्रल एक्साइज इंटेलीजेंस टीम पर हमला

Wed, 09 Sep 2015 11:21 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, बिजनौर
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बिजनौर/चांदपुर। व्यापारी की कोठी और फैक्ट्री पर छापेमारी करने आई डीजीसीईआई (डायरेक्टर जनरल ऑफ सेंट्रल एक्साइज इंटेलीजेंस) की टीम पर उद्यमियों के परिचिताें ने हमला कर दिया। आरोप है कि टीम सदस्यों से मारपीट कर जब्त किए गए कागजात छीन लिए गए और उन्हें कोठी से बाहर निकाल दिया गया।
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टीम की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और कोठी के अंदर रह गई टीम सदस्यों की गाड़ियां निकलवाईं। दो अन्य टीमों ने फैक्ट्री और आवास पर भी छापेमारी की। यहां भी टीम का विरोध हुआ। यह कार्रवाई देर शाम तक जारी थी।


बुधवार को डीजीसीईआई (डायरेक्टर जनरल ऑफ सेंट्रल एक्साइज इंटेलीजेंस) दिल्ली के सीनियर इंटेलीजेंस ऑफीसर कमलजीत भाटिया ने तीन सदस्यों के साथ बिजनौर में सिविल लाइंस स्थित अवधेश कुमार के आवास पर छापेमारी की। अवधेश कुमार चांदपुर में नूरपुर रोड स्थित एक फैक्ट्री के डायरेक्टर के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। करीब दो घंटे तक टीम यहां छानबीन करती रही।
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टीम के सदस्यों का आरोप है कि करीब तीन बजे दो दर्जन लोग कोठी में घुसे और जांच कार्य को प्रभावित करते हुए उन पर हमला बोल दिया। टीम के साथ मारपीट की गई और जब्त किए गए कागजातों को छीन लिया गया। हमलावरों ने धक्का मुक्की करते हुए टीम सदस्यों को कोठी से बाहर निकाल दिया और गेट बंद कर चले गए, टीम की गाड़ी भी कोठी के अंदर रह गई।

जांच टीम ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सीओ सिटी रामानंद कुशवाहा और कोतवाल अजय गौतम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और टीम के सदस्यों से बात की। इस दौरान टीम के सदस्यों ने कोठी के बराबर में स्थित एक होटल की भी तलाशी ली। करीब पांच बजे किसी के माध्यम से जांच दल ने पुलिस के सहयोग से बंद हुए कोठी के गेट खुलवाए।

इसके बाद जांच टीम अपनी गाड़ी लेकर वहां से चले गए। वहीं दूसरी टीम ने पंकज चौधरी के चांदपुर स्थित आवास और तीसरी टीम ने फैक्ट्री पर छापेमारी की ।

पंकज चौधरी की अनुपस्थिति में टीम ने उनके आवास से सतेंद्र कुमार के नेतृत्व में कागजात जब्त किए। टीम सदस्यों का आरोप है कि इसी बीच पंकज चौधरी वहां पहुंचे और मकान की तलाशी के लिए सर्च वारंट दिखाने को कहा।

उनके कुछ और परिचित भी मौके पर आ गए और हंगामा करने लगे। हंगामा होने पर टीम वहां से फैक्ट्री चली गई। समाचार लिखे जाने तक फैक्ट्री में जांच चल रही थी। मारपीट के मामले में अभी कोई तहरीर नहीं दी गई है।


मेरठ पहुंचकर डीजीसीआई के असिस्टेंट कमिश्नर दर्पण कुमार ने बताया कि छापेमारी के दौरान स्थानीय पुलिस का सहयोग नहीं मिला। इस कारण वहां हाथापाई की नौबत आ गई। टीम ने कई लैपटॉप, सर्वर सहित जरूरी दस्तावेज जब्त कर लिए हैं।

बैंक डकैती के कयास लगाते रहे राहगीर
बिजनौर। डीजीसीईआई की छापेमारी के दौरान सिविल लाइंस पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। दो बैंकों के बाहर भारी पुलिस बल को देखकर राहगीर वहां पर रुकते रहे। कुछ राहगीर ये भी बात करते रहे कि आईबी की टीम ने वकील के घर पर छापेमारी की है।

टीम ने जहां पर छापेमारी की, उसके ठीक बराबर में एचडीएफसी व अरबन को-ऑपरेटिव बैंक हैं। एचडीएफसी बैंक में लंच का अवकाश न होने के कारण वह जल्दी बंद हो जाता है। बैंक शाखा करीब चार बजे ही बंद होने व बैंकों के पास भारी भीड़ को देखकर राहगीर रुक कर एक दूसरे से इसका कारण पूछते रहे। राहगीर आपस में बैंक में डकैती या लूट होने का कयास लगाते रहे। वहीं, कुछ लोग तो ये भी कहते देखे गए कि बैंक में डकैती पड़ गई है। इसलिए इतनी पुलिस आई है।

वाणिज्य कर विभाग ने भी की है शिकायत
इनरशेल अलॉयज एंड स्टील प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ वाणिज्य कर विभाग ने भी कुछ समय पहले जांच की थी। सूत्रों के मुताबिक विभागीय अधिकारियों ने भी फर्म संचालकों के खिलाफ पूरी जानकारी न देने व प्रपत्रों को छिपाने के बारे में लिखा था।

नर्वस नजर आए अधिकारी
मारपीट की घटना के बाद डीजीसीईआई के एक वरिष्ठ अधिकारी काफी नर्वस नजर आए। मीडिया कर्मियों को अपनी ओर आता देखकर वे अपनी जगह बदल देते थे और पुलिसकर्मियों के पास खड़े हो जाते थे।

वहां वाले भी पिट गए क्या?
चांदपुर में गई टीम के साथ व्यापारियों की नोकझोंक के फोटो व्हाट्सएप पर वायरल हो चुके थे। एक मीडिया कर्मी ने टीम के सदस्यों को दिखाए तो एक सदस्य के मुंह से निकल गया कि वहां वाले भी पिट गए क्या?
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