वहीं, शुक्रवार को ही उसका ऑपरेशन किया गया। काफी खून बह जाने की वजह से उसे खून भी दिया गया। इलाज के दौरान खून बहना तो बंद हो गया था, मगर गोली को नहीं निकाला जा सका था। करीब 32 घंटे 51 मिनट तक जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद उसने दम तोड़ दिया।
उधर, पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने वारदात में प्रयुक्त तमंचा चार साल पहले युवक रचित से खरीदा था। पुलिस आरोपी प्रशांत के पिता लवकुश को भी हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
एक तरफा प्यार करता था आरोपी
छात्र प्रशांत कंप्यूटर सेंटर में कोर्स करने के पहुंचा था, जिसका कोर्स साल 2022 में पूरा हो गया। इसी बीच वह शिक्षिका से एकतरफा प्यार करने लगा था। कई बार उसने प्रपोज किया, मगर हर बार शिक्षिका मना कर देती थी।
कंप्यूटर सेंटर की कक्षाओं में कम रही उपस्थिति
कंप्यूटर सेंटर की कक्षा में घुसकर शिक्षिका को गोली मारने के बाद से ही विद्यार्थियों में खौफ पैदा हो गया था। यहीं कारण रहा कि शनिवार को सेंटर की कक्षाओं में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति कम नजर आई। वहीं शिक्षक शिक्षिकाओं के बीच भी इस वारदात को लेकर चर्चाएं होती रहीं।
हत्या की धाराओं में तरमीम होगा केस
शनिवार को शहर कोतवाली पुलिस ने पकड़े गए आरोपी का चालान जानलेवा हमले की धाराओं में किया गया। दरअसल, चालान होने के समय तक शिक्षिका अस्पताल में भर्ती और जिंदा थी। चालान होने के कुछ घंटे बाद ही शिक्षिका की मौत की खबर पहुंच गई। अब पुलिस जानलेवा हमले के केस को हत्या की धारा में तरमीम करेगी।
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