बिजनौर में द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामकरन प्रथम ने जानलेवा हमले के चार आरोपियों को सात-सात साल के कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता इसरार अहमद के अनुसार नहटौर थाने के गांव मुजफ्फरपुर देवीदास निवासी भीम सिंह का ईंट उठाने को लेकर राजवीर से विवाद हो गया था। इसका फैसला कराने फुलसंदा निवासी सरवेंद्र भीम सिंह के पास गया था। इस कारण भीम सिंह उससे रंजिश रखने लगा। 10 नवंबर 2012 को सरवेंद्र अपने रिश्तेदार धरम सिंह के साथ बाइक से एक रिश्तेदारी में कार्यक्रम में जा रहा था। उसके पास 25000 रुपये भी थे। जब ये लोग गांव महमूदपुर के पास आए तो पीछे से बाइक पर आए सहदेव, कृष्ण, मोहित व भीम सिंह ने उन्हें रोक लिया और जान से मारने की नीयत से उनसे मारपीट की। सरवेंदर व धरम सिंह को गंभीर चोटे आईं। अदालत ने चारों आरोपियों भीम सिंह, सहदेव, कृष्ण व मोहित को हमले का दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।
सरेंडर किया
बिजनौर। पेद्दा कांड में नामजद गांव पेद्दा निवासी मनोज ने बृहस्पतिवार को सीजेएम कोर्ट में सरेंडर कर दिया। प्रभारी सीजेएम हेमंत कुमार ने उसे हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है। उधर, पेद्दा कांड को लेकर जिले की सियासत गरमाई हुई है। हिंदू संगठनों के नेता इस मामले में कई निर्दोषों लोगों का नाम नामजदगी से हटाने की मांग करते आ रहे हैं।