बिजनौर। हैकर ने सर्व यूपी ग्रामीण बैंक की खासपुरा स्थित शाखा के उचन्त खाता (सस्पेंस अकाउंट) को हैक कर उससे एक करोड़ 39 लाख रुपये की राशि बिजनौर और मुजफ्फरनगर के तीन खातों में ट्रांसफर कर दी। एक खाते से दस लाख रुपये निकाल भी लिए गए।
उपभोक्ता दोबारा भी 15 लाख रुपये निकालने के लिए चेक काटकर बैंक में फोन किया। आवास विकास ब्रांच के मैनेजर सुशील कुमार अग्रवाल ने शक होने पर खाते की जांच की तो मामला पकड़ में आया। खातों में रुपये जाने की सूचना से बैंक में हड़कंप मच गया। इसकी सूचना अधिकारियों को देकर खातों से रुपये निकालने पर रोक लगाई गई।
सर्व यूपी ग्रामीण बैंक की आवास विकास स्थित शाखा में सुधीर कुमार अग्रवाल ब्रांच मैनेजर हैं। 11 सितंबर को उनके बैंक में खाताधारक शाहनू कुमार ने सिद्धार्थ कुमार के नाम से दस लाख रुपये का चेक काटा था। चेक पर भुगतान कर दिया गया था।
14 सितंबर को फिर से एक चेक 15 लाख रुपये का काटा गया। शाहनू कुमार ने बैंक में फोन कर इस चेक का भी भुगतान करने को कहा। शक होने पर ब्रांच मैनेजर सुशील कुमार अग्रवाल ने उनके खाते की जांच की तो वे सन्न रह गए। शाहनू कुमार के खाता संख्या 92960100014240 में बैंक की ही खासपुरा स्थित शाखा से उचन्त खाता (सस्पेंस अकाउंट) से 25 लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे।
इसके अलावा जिला मुजफ्फरनगर की शाखा चरथावल के खाता धारक अमित कुमार पुत्र रमेश निवासी 98, लोहारी चरथावल के खाता संख्या 91990100059889 में दो बार 45-45 लाख रुपये और बिजनौर की आवास विकास के ब्रांच के ही खाताधारक शशांक कुमार पुत्र विजेंद्र सिंह निवासी गांव पपावर खुर्द उर्फ बगीची के खाता संख्या 92960100014259 में भी 24 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे।
कुल मिलाकर एक करोड़ 39 लाख रुपये दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिए गए। सभी ट्रांजक्शन 11 सितंबर को गई थी। खासपुरा ब्रांच को इसके बारे में बताया गया तो हड़कंप मच गया। शाखा प्रबंधक द्वारा रुपये ट्रांसफर नहीं किए जाने की बात कही है। संबंधित खातों में रुपये के आहरण पर रोक लगाने के लिए क्षेत्रीय कार्यालय को सूचित किया गया।
आनन-फानन में ही बैंक अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई। क्षेत्रीय कार्यालय प्रबंधक आशुतोष चोपड़ा के मुताबिक पुलिस में तहरीर दी गई हैं। बैंक स्तर पर भी मामले की जांच कराई जाएगी।
बिजनौर के हैं सभी खाताधारक
बिजनौर। सर्व यूपी बैंक खासपुरा की शाखा से करोड़ों रुपये का ट्रांसफर के खेल में सभी खाताधारक बिजनौर के रहने वाले हैं। पुलिस मान रही गैंग का मास्टरमाइंड हैकर जरूर जिले का बाहर का लगता है। पुलिस अगर हैकर तक पहुंच जाए तो कई बड़े राज हैकर से खुल सकते।
शहर कोतवाल अजय गौतम के मुताबिक रिपोर्ट दर्ज हो गई है। मामले की छानबीन की जाएगी। बैंक से एक करोड़ 39 लाख रुपये खातों को हैक करके दूसरी शाखा के खातों में ट्रांसफर करने के खेल से हर कोई हैरान है। हैरानी की बात तो ये है कि इस खेल में शामिल सभी खातेदारक बिजनौर से ताल्लुक रखते हैं।
हैकर कौन है यह अभी रहस्य बना है? हैकर तक पुलिस का पहुंचना बहुत जरूरी है। हैकर के हाथ लगने स ही कई राजफाश हो सकते हैं। हैकर बेहद शातिर लग रहा है। तभी तो उसने बडे़ शातिर तरीके से बैंक का पासवर्ड भी हैक कर लिया। इस पूरे खेल में एक साथ रहने वाले गैंग का हाथ लग रहा है। बिजनौर से मुजफ्फरनगर तक गैंग ने बैंक से रुपये उड़ाने का जाल बिछाया।
गनीमत रही कि मामला पहले ही पकड़ में आ गया वरना बैंक खाते से एक दो दिन में और भी रुपये उड़ाए जा सकते थे। बैंक के उचन्त खाता (सस्पेंस अकाउंट) को हैक कर रुपये अन्य खातों में ट्रांसफर करने का शायद यह पहला मामला है।
घटना से बैंक के अधिकारी भी सन्न है। बैंक शाखा में कंप्यूटर या अन्य सामान रिपेयर होने पर उसका तत्काल भुगतान करना होता है। पेमेंट के लिए उच्च अधिकारियों से परमिशन लेनी होती है। इसमें कभी समय भी लग जाता है। ऐसी स्थिति में किसी कार्य के तत्काल भुगतान के लिए हर शाखा का अपना सस्पेंस अकाउंट होता है। इस अकाउंट में काफी मोटी रकम भी जमा हो सकती है।