सैदनगली (अमरोहा)। थानाक्षेत्र के गांव इकौंदा में एक दिन पूर्व चकरोड में दफन किए गए बुजुर्ग के शव को सोमवार को कब्र से निकाला गया। आपसी सहमति और पुलिस की मौजूदगी में शव को दोबारा कब्रिस्तान में दफन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही।
गांव इकौंदा निवासी हबीब अहमद (85) की शनिवार की शाम बीमारी से मौत हो गई थी। उन्हें रविवार सुबह कब्रिस्तान के पास दफना दिया गया। गांव के वीरेंद्र सिंह, हरीराज सिंह, भीमा आदि लोगों ने थानाध्यक्ष से शिकायत की कि हबीब अहमद को कब्रिस्तान के पास चकरोड पर दफनाया गया है, जिससे खेतों का रास्ता बंद हो गया है। उनके एतराज के बाद थानाध्यक्ष ने हबीब के परिजन अलाउद्दीन मुंशी, ग्राम प्रधान अनीस अहमद और रईस अहमद आदि को बुलाकर इस मामले में बात की। दोनों पक्षों को बैठाकर थाने पर एक पंचायत की गई, जिसमें तय हुआ की बुजुर्ग के शव को चकरोड की जगह से हटाकर दोबारा कब्रिस्तान में दफनाया जाए। सर्व सम्मति से यह बात तय होने पर पुलिस की देखरेख में नायब तहसीलदार हसनपुर आर के चंद्रा की मौजूदगी में सोमवार दोपहर शव को पहली जगह से निकाला गया और चकरोड से हटाकर बराबर में कब्रिस्तान में दोबारा दफना दिया गया। इस दौरान गांव के सैकड़ों महिला और पुरुष इकट्ठे रहे। थानाध्यक्ष किरनपाल सिंह ने बताया कि सर्वसम्मति से यह फैसला लेकर बुजुर्ग का शव चकरोड के स्थान से दोबारा कब्रिस्तान में दफना दिया गया।