रियासत हत्याकांड में दो की जमानत याचिका निरस्त
बिजनौर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अल्ला रक्खे खां ने रियासत हत्याकांड में दो आरोपियों की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
थाना धामपुर के गांव नींदडू निवासी मोहम्मद राहत ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका अपने ही गांव के फारूक जलील व नासिर जलील से जमीनी विवाद चल रहा था। इसे लेकर दोनों पक्षों में तनातनी रहती थी। 17 अक्तूबर को जब राहत व उसका भाई भट्टे की ओर जा रहे थे तो नजाकत हुसैन व अनुज मलिक ने उन्हें डराने के लिए हवाई फायर किए थे। 18 अक्तूबर को जब राहत का भाई रियासत व परवेज काम से लौटकर आए तो तीनों भाईयों ने दूसरे पक्ष के लोगों से कहा कि मुकदमा कोर्ट में चल रहा है। तब तक गाली गलौच व फायरिंग न की जाए। इस बात पर गुस्सा होकर नजाकत व उसके साथी अनुज, इस्लामू, चमन, नासिर जलील ने गाली गलौच शुरू कर दी और उन्होंने अपने हाथों में लिए तमंचों व बंदूक से उन्हें मारने के लिए अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से रियासत की मौके पर ही मौत हो गई। वे जान बचाने के लिए भागे तो आरोपी फायरिंग करते हुए गांव में घूस आए। इस घटना से गांव में दहशत फैल गई थी। कोर्ट ने इस मामले में नजाकत हुसैन व नासिर जलील की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
दुष्कर्मी की जमानत याचिका निरस्त
बिजनौर। एडीजे संजीव पांडेय ने एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म करने व उसका जबरन गर्भपात कराने के आरोपी शानू की जमानत याचिका निरस्त कर दी है। शासकीय अधिवक्ता प्रमोद शर्मा के अनुसार थाना हीमपुर के एक गांव निवासी लड़की से शानू निवासी पीपला जागीर ने शादी करने का झांसा देकर संबंध बनाए। पीड़िता के गर्भवती होने पर उसका जबरन गर्भपात कराया।