छापे के डर से क्लीनिकों के शटर धड़ाधड़ गिरे
नींदडू़ (बिजनौर)। अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ मुहिम जारी रखते हुए कई क्लीनिकों पर छापे मारे। एक क्लीनिक को छोड़कर शेष क्लीनिकों के आरोपी चिकित्सक अपनी दुकानों के शटर गिराकर मौके से फरार हो गए। एसीएमओ ने निर्धारित समय के भीतर चिकित्सीय प्रमाण पत्र नहीं दिखाने पर एफआईआर दर्ज कराने की बात कही है।
बुधवार को अतिरिक्त सीएमओ एवं नोडल अधिकारी (क्वैक्स) डा एसके निगम ने सबसे पहले नूरपुर मार्ग स्थित एक अस्पताल पर छापा मारा, किंतु अस्पताल बंद मिला। वहां खड़े लोगों ने अस्पताल में विजेंद्र कुमार सिंह तथा उसकी पत्नी डा रूबी द्वारा मरीजों का इलाज करने की बात कही। इसके बाद एसीएमओ ने डा साजिद की क्लीनिक पर छापा मारा। क्लीनिक खुली होने के कारण वीडियो बनाई। उन्होंने चिकित्सक से अपने चिकित्सीय प्रमाण पत्र दिखाने को कहा। बाद में नोडल अधिकारी डा कमलेश, डा राहत व डा रफीक की क्लीनिक पर पहुंचे, किंतु उनके वहां पहुंचने से पहले ही सभी चिकित्सक अपनी क्लीनिक बंद कर चले गए थे। नोडल अधिकारी एसके निगम ने निर्धारित समय के भीतर अपने चिकित्सीय प्रमाण पत्र नहीं दिखाने की स्थिति में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की बात कही है। बता दें कि सीएमओ के आदेश पर मंगलवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धामपुर के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा पीके गुप्ता ने छापामार कार्रवाई के तहत पांच चिकित्सकों डा विजेंद्र कुमार सिंह, डा साजिद, डा कमलेश, डा स्योहारिया, डा राहत तथा डा रफीक को नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर अपने प्रमाण पत्रों के साथ कार्यालय उपस्थित होने को कहा था।