चांदपुर, कोतवाली देहात और नूरपुर में हुई वारदात
अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर। जनपद में बाइकर्स गैंग का आतंक बढ़ता जा रहा है। शनिवार को विभिन्न थाना क्षेत्रों में तीन वारदातों को अंजाम देकर पुलिस को चुनौती दी है। खास बात यह है कि दो घटनाओं में बाइकर्स गैंग ने बैंक से धनराशि निकालकर घर लौट रहे लोगों को निशाना बनाया है।
पहली वारदात चांदपुर क्षेत्र में पूर्वाह्न 11 हुई। गांव सुंदरा निवासी राजो पति प्रीतम सिंह के साथ बाइक से चांदपुर दवाई लेने आ रही थी। धनौरा रोड पर पेट्रोल पंप के पास बाइक सवार दो बदमाशों ने उन्हें रोक लिया और राजो के कानों के कुंडल लूट लिए। महिला के शोर मचाने पर बदमाश धनौरा की ओर फरार हो गए। दूसरी वारदात थाना कोतवाली देहात क्षेत्र में हुई। गांव दुल्लावाला निवासी आंचल देवी अपने भतीजे नीटू के साथ शुक्रवार की दोपहर करीब एक बजे बाइक से बिलाई चीनी मिल में स्थित भारतीय स्टेट बैंक से रुपये निकालने पहुंची। आंचल के अनुसार उसने बैंक से पांच हजार निकाले थे। लौटते वक्त थाना कोतवाली देहात के गांव बधावा के जंगल में नहर की पटरी के पास बाइक सवार तीन बदमाशों ने चाची-भतीजे को चाकू दिखाकर रोक लिया। बाइक रोकते ही बदमाशों ने नीटू की गर्दन पर चाकू रख दिया और आंचल से नगदी व कानों से सोने के कुंडल लूटकर गांव बधावा की ओर फरार हो गए। विरोध करने पर पिटाई भी की। दोनों ने घर पहुंच कर परिजनों को मामले की जानकारी दी। शाम को थाने पहुंच कर मामले की तहरीर पुलिस को दी। उधर, कस्बा इंचार्ज विनोद कुमार राठी ने बताया कि इस मार्ग पर दो बाइकों की भिड़ंत होने की सूचना मिली थी। इसमें एक महिला मामूली रूप से घायल हो गई थी। उनके क्षेत्र में कोई लूट नहीं हुई है। मामला कोतवाली देहात क्षेत्र का है। तीसरी वारदात नूरपुर क्षेत्र में हुई। गांव मंगोलपुरा निवासी रघुराज सिंह ने शनिवार की अपराह्न करीब तीन बजे मुरादाबाद मार्ग स्थित स्टेट बैंक से 20 हजार रुपये निकाले थे। रुपये थैले में रखकर उसने बैंक के बाहर खड़ी बाइक में पीछे बांध दिया। वह घर जाने के लिए जैसे ही बाइक पर सवार हुआ तो एक युवक ने बाइक में बंधा थैला खींच लिया और शिव मंदिर की ओर फरार हो गया। रघुराज सिंह ने शोर मचाया तो दुकानदारों ने युवक का पीछा भी किया, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। उसने बैंक में जाकर प्रबंधक को मामले की जानकारी देकर सीसीटीवी फुटेज दिखाने को कहा तो प्रबंधक ने बिना पुलिस के कार्रवाई से मना कर दिया। निराश होकर वह बिना पुलिस को सूचित किए घर चला गया।