विवादित जमीन को लेकर दो पक्ष भिड़े , निर्माण स्थल पर की तोड़फोड़
गंजदारानगर। गंज मोहल्ला कुम्हारियान में आबादी की पड़ी जमीन के मालिकाना हक को लेकर दो संप्रदाय के लोग आपस में भिड़ गए। निर्माण स्थल पर एक संप्रदाय के लोगों में जमकर तोड़फोड़ की। इस घटना से तनातनी का माहौल बना रहा। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों के छह लोगों को दबोच लिया। एसडीमए बृजेश सिंह ने तहसील टीम बुलाकर विवादित जमीन की पैमाइश कराई । दोनों पक्षों को शांत किया। गांव में तनाव को देख पुलिस तैनात कर दी गई है।
गांव गंज में जमीन को लेकर प्रजापति समाज व मुस्लिम पक्ष के घोसी समाज के लोगों में विवाद चल रहा है। दोनों पक्ष जमीन को अपनी बताते हैं। प्रजापति समाज कई वर्षों से जमीन पर अपने बर्तन पका रहे हैं। पिछले माह प्रजापति समाज के जमीन पर चारदीवारी कर रहे थे। घोसी समाज के लोगों ने इसका विरोध किया और जमीन अपनी बताकर निर्माण कार्य रुकवा दिया। इस पर निर्माण कार्य नहीं किया जाएगा इसके बाद पुलिस दोनों पक्षों में तनातनी को देख निर्माण कार्य बंद करा दिया था। दोनों पक्षों सेे तहसील प्रशासन के सहयोग से पैमाइश कराने के बाद निर्माण कार्य करने को कहा था। दोनों पक्षों ने हल्का कानूनगो प्रमोद सैनी लेखपाल राम सिंह के सहयोग से पिछले एक माह में दो बार उक्त जमीन जमीन की पैमाइश कराई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर विवादित जमीन प्रजापति समाज की बताई गई। शनिवार को प्रजापति समाज के लोग जमीन पर अपना निर्माण कार्य कर रहे थे कि अचानक बड़ी संख्या में घोसी समाज के लोग वहां पहुंचे तथा निर्माण कार्य का विरोध किया। दोनों पक्षों में तनातनी हो गई। मुस्लिम समाज के लोगों ने निर्माण कार्य को गिरा दिया । दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया। सीओ सिटी महेश कुमार, एसडीएम बृजेश कुमार नायब तहसीलदार धर्मेंद्र सिंह, कानूनगो प्रमोद सैनी लेखपाल राम सिंह अरुण कुमार ईश्वर सिंह ने दोनों पक्षों की बात सुनी तथा दोबारा से पैमाइश कराने को कहा, इसी बीच मुस्लिम पक्ष के कुछ लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। पुलिस ने मुस्लिम पक्ष के रईस , अफसर , जमाल , इब्राहिम , दानिश , जाकिर , तसलीम व दो महिलाओं को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया। पैमाइश को पहुंची लेखपालों की एक टीम ने विवादित जमीन सहित आसपास के क्षेत्र की पैमाइश की। इस मामले को लेकर गांव में तनाव है। पुलिस तैनात कर दी गई है। सीओ सिटी महेश कुमार तथा शहर कोतवाल का कहना है की जमीन को लेकर किसी भी प्रकार की तनाव की स्थिति उत्पन्न नहीं होने दी जाएगी। निष्पक्ष रूप से पैमाइश कराई जा रही है। रिपोर्ट के आधार पर ही जमीन का निर्णय लिया जाएगा।