फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बार अध्यक्ष से बदसलूकी करने पर फंसे कोतवाल

विज्ञापन
विज्ञापन
बार अध्यक्ष से बदसलूकी करने पर फंसे कोतवाल
विज्ञापन

बिजनौर। जिला बार अध्यक्ष राजीव चौहान से बदसलूकी के मामले में शहर कोतवाल फतेह सिंह फंस गए हैं। एसपी प्रभाकर चौधरी के आदेश पर शहर कोतवाल के खिलाफ सीओ सिटी गजेंद्रपाल सिंह ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। इस मामले में शुक्रवार को कई लोगों के बयान भी दर्ज किए गए हैं।
जिला बार अध्यक्ष राजीव चौहान के मुताबिक अधिवक्ता सुनील कुमार के भाई का कुछ लोगों के साथ चार नवंबर को विवाद हो गया था। दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। अधिवक्ता के भाई ने डायल 100 को कॉल करके पुलिस बुला ली। अधिवक्ता के घायल भाई को पुलिस थाने ले गई और मेडिकल कराया। पुलिस को तहरीर दे दी गई। शहर कोतवाल ने उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की और उन्हें टरका दिया। पुलिस ने दूसरे पक्ष की रिपोर्ट दर्ज कर ली। अधिवक्ता सुनील कुमार ने यह बात बार अध्यक्ष राजीव चौहान को बताई तो वह थाने पहुंच गए। कोतवाल से इस संबंध में बात की की तो कोतवाल सुनील कुमार के भाई की तरफ से रिपोर्ट दर्ज करने का आश्वासन देते रहे। आठ नवंबर को ब्रजभूषण समेत कई अधिवक्ता इकट्ठा होकर जजी में पहुंचे और बताया कि पुलिस ने अभी तक उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। राजीव चौहान के मुताबिक उन्होंने मोबाइल पर शहर कोतवाल फतेह सिंह से रिपोर्ट दर्ज होने के बारे में बात की तो कोतवाल इस बात पर भड़क गए। वकीलों को बदमाश बताने लगे और रिपोर्ट दर्ज करने से साफ इंकार कर दिया। इसके बाद राजीव चौहान के नेतृत्व में अधिवक्ता इकट्ठे होकर एसपी प्रभाकर चौधरी से मिले। एसपी ने शहर कोतवाल फतेह सिंह के खिलाफ सीओ सिटी गजेंद्रपाल सिंह को प्रारंभिक जांच करके रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। सीओ सिटी ने कोतवाल के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। शुक्रवार को इस मामले में सीओ कार्यालय में कई लोगों के बयान भी दर्ज किए गए। सीओ सिटी गजेंद्रपाल सिंह के मुताबिक शिकायत पर शहर कोतवाल के खिलाफ वह जांच कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


जान बचाने के लिए अपना रहे कई हथकंडे
राजीव चौहान के मुताबिक कोतवाल फतेह सिंह अपनी जान बचाने के लिए कई तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। उनके विरोधियों से जांच में बयान दिला रहे हैं। पहले तो जांच के दौरान बयान न देने के लिए उनके लोगों पर भी दबाव डाला जा रहा था। जब कोतवाल का यह दांव नहीं चला तो उन्होंने विरोधियों को हथियार बना लिया। अधिवक्ता ने बताया कि शनिवार को वह अपने बयान दर्ज कराएंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें