फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हादसे में पिता की मौत,पुत्र गंभीर रूप से घायल,गुस्साए ग्रामीणों ने शव सड़क पर रख करीब एक घंटे किया मार्ग जाम 16-22-36

विज्ञापन
विज्ञापन
धामपुर। मुुरादाबाद मार्ग पर प्रियंका स्कूल के निकट बाइक और अज्ञात वाहन की टक्कर में बाइक सवार पिता की मौत हो गई, जबकि पुत्र अंकित गंभीर रूप से घायल हो गया। चिंताजनक हालत में अंकित को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर ले जाया गया है। बृहस्पतिवार रात दोनों पिता-पुत्र धामपुर में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद बाइक से अपने घर विरामपुर जा रहे थे। घटना से गुस्साए लोगों ने शव को मुरादाबाद मार्ग पर रखकर करीब एक घंटे तक जाम लगाकर प्रदर्शन किया। पुलिस के समझाने पर प्रदर्शनकारी शांत हुए। पुलिस ने बाद में शव को पीएम के लिए भेज दिया है।
विज्ञापन

गांव विरामपुर निवासी पत्नी राखी ने बताया कि बृहस्पतिवार रात धामपुर में एक वैवाहिक कार्यक्रम का आयोजन था। उसके 35 वर्षीय पति धर्मवीर सिंह और उसका (12) पुत्र अंकित दोनों बाइक से शादी समारोह में शामिल होने के बाद जब घर आ रहे थे तो रात करीब 12.30 बजे के करीब उनकी बाइक और अज्ञात वाहन में टक्कर हो गई, जिससे उसके पति की मौत हो गई। उसका पुत्र अंकित गंभीर रूप से घायल हो गया है। हादसे का पता लगने पर परिवार में हड़कंप मच गया। रात में आकर उन्होंने ग्रामीणों के साथ दोनों को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डाक्टरों ने उसके पति को मृत घोषित कर दिया, जबकि पुत्र अंकित को प्राथमिक उपचार देने के बाद हायर सेंटर भेज दिया। दिन निकलने के बाद शुक्रवार को ग्रामीणों ने शव को घटनास्थल पर ले जाकर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने बताया कि धर्मवीर की हादसे में मौत होने जाने के बाद परिवार में कमाने वाला कोई नहीं रह गया है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से पांच लाख का मुआवजा दिलाने की मांग की। ग्रामीणों ने इस दौरान करीब एक घंटे तक मुरादाबाद मार्ग जाम कर प्रदर्शन किया। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझा कर जाम खुलवाया। उधर, एक अन्य हादसे में स्योहारा थाने के गांव जमापुर निवासी बाइक सवार राहुल ट्रक की चपेट में आने से घायल हो गया। उसकी बाइक क्षतिग्रस्त हो गई है।
----
100 डायल पुलिस की नहीं मिली मदद
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों का कहना है कि हादसे के दौरान उन्होंने 100 डायल पुलिस की मदद से घायलों को उपचार को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराने का प्रयास किया, पर कोई मदद नहीं मिली। यदि तुरंत घायलों को मदद मिल गई होती तो शायद धर्मवीर की जान बच सकती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें