बिजनौर। किरतपुर क्षेत्र के ढाकी हुसैनपुर गांव के इस्लामिक विजन स्कूल की मानव संसाधन विकास मंत्रालय दिल्ली ने भी जांच शुरू कर दी है। बेसिक शिक्षा विभाग की टीम ने भी शुक्रवार को दोबारा से स्कूल की जांच करके रिपोर्ट बीएसए को सौंप दी है। बीएसए पहले ही एडी बेसिक मुरादाबाद को स्कूल की मान्यता खत्म करने की संस्तुति करके रिपोर्ट भेज चुके हैं। स्कूल में जाकिर नाइक को नायक बताकर पढ़ाया जा रहा था।
इस्लामिक विजन स्कूल में कक्षा दो के बच्चों को एक किताब मेें जाकिर नाइक को नायक बताकर पढ़ाया जा रहा था। इस बात का पता चलने पर अमर उजाला ने 20 जनवरी को इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद स्कूल से रातोंरात विवादित किताब गायब कर दी गई। बच्चों की भी स्कूल के संचालक ने जुबान बंद कर दी। बेसिक शिक्षा विभाग की टीम ने जांच शुरू की। पहली बार की गई जांच में तो टीम को कुछ नहीं मिला। दोबारा की गई जांच में टीम को इस बात का खुलासा हुआ कि विवादित किताब नियम विरुद्ध स्कूल में पढ़ाई जा रही थी। स्कूल के संचालक ने भी कबूला कि किताब उनके स्कूल में पढ़ाई जा रही थी। दिसंबर में किताब स्कूल में पढ़ानी बंद हो गई थी। टीम ने जांच रिपोर्ट बीएसए को भेज दी। बीएसए ने स्कूल के संचालक को नोटिस देकर जवाब मांगा। नोटिस का जवाब मिलने के बाद बीएसए ने स्कूल की मान्यता रद्द की संस्तुति करके फाइल एडी बेसिक मुरादाबाद के पास भेज दी। जांच के दौरान टीम के साथ एक शिक्षाविद् का होना जरूरी था।
एबीएसए शिव कुमार ने जीआईजी बिजनौर के शिक्षक योगेंद्र पाल सिंह को साथ लेकर शुक्रवार को स्कूल पहुंचकर फिर से जांच की। जांच में जो तथ्य सामने आए उनकी रिपोर्ट बीएसए को भेज दी है। यह रिपोर्ट भी एडी बेसिक मुरादाबाद को भेजी जा रही है। उधर, मानव संसाधन विकास मंत्रालय दिल्ली ने भी जाकिर नाइक ऱ्को नायक बताकर पढ़ाई जा रही किताब के मामले में जांच शुरू कर दी है। मंत्रालय से मानवेंद्र सिंह ने स्कूल में किताब पढ़ाने के मामले में एबीएसए शिवकुमार से जानकारी ली। यह भी पता किया कि उनके विभाग की ओर से की गई जांच में क्या मिला व स्कूल के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई है। स्कूल के खिलाफ फिर से जांच शुरू होने से स्कूल के संचालक व स्टाफ में खलबली मची हुई है।