धामपुर। डीएम सुजीत कुमार ने धामपुर तहसील में कार्यरत पटवारी तेजपाल के खिलाफ जांच बैठा दी है। आरोप है कि पटवारी ने नियमों को ताक पर रखकर धामपुर के गांव फतेहउल्लापुर में स्थित बंजर नवीन परती की जमीन को दो लोगों को बेच दिया। दोनों लोगों ने भी इस जमीन को किसी अन्य को बेच दिया। इस संबंध में पटवारी को नोटिस जारी कर अविलंब जवाब मांगा है।
प्रदेश सरकार के सख्त आदेश है कि सरकारी जमीन को किसी भी हालत में खुर्दबुर्द नहीं किया जाएगा। मगर, धामपुर तहसील के एक पटवारी ने विभाग के अधिकारियों को गुमराह कर बंजर में दर्ज जमीन को क्षेत्र के दो लोगों को बेच दिया। बताया गया कि इन लोगों ने इस जमीन को किसी दूूसरे लोगों को बेच डाला। जिन लोगों ने इस जमीन को खरीदा, उन्होंने इस जमीन को बैंक में गिरवी रख कर लोन ले लिया है। राजस्व विभाग की जांच में मामला उजागर हुआ तो हड़कंप मच गया। मामले को तहसीलदार भान सिंह और एसडीएम वीरेंद्र कुमार मौर्य के संज्ञान में लाया गया। अधिकारियों के आदेश पर मामले की जांच कराई गई। जांच में आरोपों के सही पाने पर पटवारी तेजपाल को नोटिस जारी कर जबाव मांगा गया है। तससीलदार भान सिंह ने बताया कि नोटिस प्राप्ति के तीन दिन के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए गए है। एसडीएम वीरेंद्र कुमार मौर्य का कहना है कि आरोपी पटवारी के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट कायम कर कार्रवाई कराई जाएगी। उधर, मामले के डीएम के संज्ञान में आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। उधर, पटवारी तेजपाल सिंह ने आरोपों को गलत बताया है।
आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा: डीएम
डीएम सुजीत कुमार ने कहा कि एसडीएम से मामले की जांच कराई जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते है तो आरोपी पटवारी पर कानूनी कार्रवाई होगी। कोई भी अधिकारी या कर्मचारी सरकारी जमीन या संपत्ति को मनमाने तौर पर खुर्दबुर्द नहीं कर सकता है।